उत्तरप्रदेश संत रविदास शिक्षा सहायता योजना|यूपी संत रविदास शिक्षा सहायता योजना|Uttar Pradesh Sant Ravidas Shiksha Sahayata Yojana in Hindi

उत्तर प्रदेश वासियों आज हम आपको संत रविदास शिक्षा सहायता योजना उत्तर प्रदेश के बारे में बताने जा रहे हैं हमारी यही कोशिश होती है कि हम अपने आर्टिकल में आपको  हर नई योजना पूरी जानकारी दें ताकि आप सरकारी योजनाओं का पूरा पूरा लाभ उठा सकें आज की हमारी योजना है संत रविदास शिक्षा सहायता योजना यूपी जो उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही है|

इस योजना के तहत पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के साथ ही राजकीय आइटीआइ और राजकीय पालीटेक्निक के विद्यार्थियों को शामिल किया गया। अब सरकार ने इस योजना को महाविद्यालयों तक पहुंचा दिया है। नई व्यवस्था के तहत स्नातक और स्नातकोत्तर के छात्र छात्राओं को योजना का लाभ दिया जाएगा।

संत रविदास शिक्षा सहायता योजना उद्देश्य

  • उ०प्र० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के अन्तर्गत उ०प्र० राज्य के मूल निवासी पंजीकृत निर्माण श्रमिक को श्रमिकों के २५ वर्ष अथवा उससे कम के पुत्र ⁄ पुत्रियों जो उ०प्र० की भौगोलिक सीमा में स्थित (कक्षा 12 तक) अथवा बाहर देश की सीमा में स्थित किसी विद्यालय ⁄ संस्था के किसी भी कक्षा में अध्ययनरत हो, के शिक्षा पर होने वाले व्यय प्रतिपूर्ति किया जाना है।
  • इसके अन्तर्गत सभी पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के पुत्र ⁄ पुत्रियों जो किसी शासकीय ⁄ अद्र्यशासकीय ⁄ शासकीय मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में अध्ययनरत् हों, के सापेक्ष किये जा रहे व्यय का वहन उ०प्र० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा किये जाने हेतु प्रतिमाह छात्रवृत्ति दिया जाना प्रस्तावित है।
  • इस योजना के अन्तर्गत निर्माण श्रमिक के अधिकतम दो संतान को कक्षा 01 से प्रारम्भ कर उच्चतर संत रविदास शिक्षा सहायता निम्न शर्तों के अधीन मासिक दी जाएगी।

उत्तरप्रदेश संत रविदास शिक्षा योजना पात्रता

इस योजना के अन्तर्गत ऐसे बालक एवं बालिका पात्र होगें–

1. जिनके माता अथवा पिता बोर्ड में पंजीकृत निर्माण कर्मकार हो,

2. ऐसा लाभार्थी पंजीकृत निर्माण कर्मकार उत्तर प्रदेश राज्य का मूल निवासी हो,

3. ऐसे बालक एवं बालिका की आयु प्रत्येक वर्ष की 01 जुलाई को 25 वर्ष या इससे कम हो,

4. शिक्षारत् बालक ⁄ बालिका ऐसे शिक्षण संस्थान में अध्ययनरत् हो जो कि सरकार द्वारा विधिमान्य रूप से स्थापित किसी शिक्षा बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त हो,

5. पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के अधिकतम दो संतानों को कक्षा–01 से प्रारम्भ कर उच्चतर शिक्षा हेतु छात्रवृत्ति दिया जाना है।

मासिक सहायता तालिका

क. कक्षा 01 से 05 तक रु०– 100 ⁄ – प्रतिमाह
ख. कक्षा 06 से 08 तक रु०– 150 ⁄ – प्रतिमाह
ग. कक्षा 09 से 10 तक रु०– 200 ⁄ – प्रतिमाह
घ. कक्षा 11 से 12 तक रु०– 250 ⁄ – प्रतिमाह
ड़. शासकीय संस्थाओं में आई०टी०आई० अथवा समकक्ष प्रशिक्षण से सम्बन्धित पाठ्यक्रमों हेतु रु०– 500 ⁄ – प्रतिमाह
च. शासकीय संस्थाओं में पालीटेक्निक अथवा समकक्ष पाठ्यक्रमों हेतु रु०– 800 ⁄ – प्रतिमाह
छः. शासकीय संस्थाओं में इंजीनियरिंग अथवा समकक्ष पाठ्यक्रमों हेतु रु०– 3000 ⁄ – प्रतिमाह
ज. शासकीय संस्थाओं में मेडिकल कोर्स के पाठ्यक्रमों हेतु रु०– 5000 ⁄ – प्रतिमाह

6.परन्तु इंजीनियरिंग व मेडिकल के स्नातकोत्तर डिग्री हेतु रु० 8,000/- व किसी भी विषय में अनुसंधान हेतु रु० 12,000/- प्रतिमाह देय होगा तथा 25 वर्ष की आयु सीमा भी शिथिल रहेगी तथा अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष होगी।

7.संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के अन्तर्गत लाभ दिये जाने हेतु न्यूनतम 60 प्रतिशत की उपस्थिति शिक्षा संस्थान के प्रधानाचार्य ⁄ सक्षम अधिकारी से प्रमाणित होने पर ही देय होगी।

8. संत रविदास शिक्षा सहायता योजना के अन्तर्गत श्रमिकों से विकल्प प्राप्त कर इस आशय का घोषणापत्र प्राप्त कर कि उसके द्वारा समकक्ष किसी अन्य छात्रवृत्ति का लाभ नहीं लिया जा रहा है, के आधार पर ही योजना का लाभ दिया जायेगा।

संत रविदास शिक्षा सहायता योजना उत्तरप्रदेश लाभ

1. छात्र ⁄ छात्रा को तिमाही आधार पर भुगतान किया जायेगा प्रथम किस्त का भुगतान कक्षा में प्रवेश के उपरान्त किया जायेगा।

2. यदि छात्र ⁄ छात्रा वार्षिक परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो जाता है तथा उसी कक्षा में पुनः अध्ययन करता है तो छात्रवृत्ति का पात्र नहीं रहेगा।

3. आई०टी०आई० ⁄ पालीटेक्निक ⁄ इंजीनियरिंग की डिग्री केवल उन्हीं छात्र ⁄ छा़त्रओं को यह हितलाभ अनुमन्य होंगे जो शासकीय आई०टी०आई० ⁄ पालीटेक्निक अथावा इंजीनियरिंग कालेजों ⁄ मेडिकल कालेज ⁄ प्रबन्धन कालेज में प्रवेश प्राप्त करेंगें। प्रमाण स्वरूप प्रवेश–कार्ड तथा शुक्ल की रसीद अवश्य संलग्न की जाएगी।

4. व्यवसायिक पाठ्यक्रमों में पात्रता तभी मान्य होगी जब अभ्यर्थी ने राष्ट्रीय या राज्य स्तरीय प्रवेश परीक्षा उत्तीर्ण कर शासकीय संस्थान में प्रवेश लिया हो और यह भी कि उपयुर्क्त पैरा में अंकित हितलाभ आई०टी०आई० तथा इंजीनियरिंग ⁄ मेडिकल ⁄ प्रबन्धन ⁄ समाजशास्त्र के सभी विधाओं के लिए देय होगें।

5. इस योजना के अन्तर्गत चिकित्सा में डिग्री का अर्थ एम०बी०बी०एस० अथवा बी०डी० एस० (बैचलर इन डेन्टल साइंस) अथवा बी०ए०एम०एस० अथवा बी०एच०एम०एस० ⁄ बी०यू०एम०एस० होगा। यह हितलाभ उन्हीं छात्र ⁄ छात्राओं को देय होगा जो शासकीय चिकित्सा कालेजों में अध्ययनरत होगें।

उत्तरप्रदेश संत रविदास शिक्षा सहायता योजना ऑनलाइन आवेदन

  • आवेदनकर्ता को यहां पर दिए गए वेबसाइट पर क्लिक करना होगा|
  • वेबसाइट पर क्लिक करने के बाद आप उसके लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म fill  कर  अप्लाई कर सकते हैं|

उत्तरप्रदेश संत रविदास शिक्षा सहायता योजना ऑफलाइन आवेदन

लाभार्थी या उसके परिवार के किसी सदस्य की ओरसे उक्त सहायता प्राप्त करने हेतु लाभार्थी के पुत्र या पुत्री के संबंधित कक्षा में प्रवेश संबंधी विवरण के अनुसार उत्तीर्ण होने की तिथि से 01 वर्ष के अंदर निकटस्थ श्रम कार्यालय अथवा संबंधित तहसील के तहसीलदार कार्यालय अथवा सम्बन्धित खण्ड के विकास अधिकारी कार्यालय में निर्धारित प्रपत्र पर संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य से अभिप्रमाणित फोटोयुक्त आवेदन पत्र दो प्रतियों में प्रस्तुत किया जाएगा|

जिसकी पावती आवेदक को प्रार्थना पत्र प्राप्त करने वाले अधिकारी ⁄ कर्मचारी द्वारा प्राप्ति तिथि अंकित करते हुए ONLINE उपलब्ध करवाई जाएगी।

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