UP Gram Panchayat Chunav | उत्तर प्रदेश प्रधान/सरपंच चुनाव 2020 कब होंगे? ताज़ा खबर


Uttar Pradesh Gram Panchayat Chunav 2020 Latest Updates, Date (Schedule)

दोस्तों आप सभी ये जानना चाहते हैं कि उत्तर प्रदेश में होने वाले ग्राम पंचायत चुनाव आखिर कब होंगे? इस लेख में उत्तर प्रदेश पंचायत चुनावों की तारीखों के बारे में बात करेंगे और जानेंगे उत्तर प्रदेश सरपंच चुनाव 2020 की ताज़ा खबरें !

Note : दोस्तों उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत चुनाव कब होने हैं इससे सम्बंधित फेक जानकारी कुछ शरारती तत्व फैला रहे हैं। आपको बता दें की इससे सम्बंधित कोई अधिसूचना या जानकारी अभी तक चुनाव विभाग ने नहीं दी है इसीलिए किसी भी झूठी जानकारी पर विश्वास न करें

उत्तर प्रदेश प्रधान/सरपंच चुनाव ताज़ा खबर | UP Gram Panchayat Chunav 2020, Latest News

  • कोरोना महामारी के चलते तैयारियां नहीं होने पाने के कारण उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पाएंगे। पंचायती संस्थाओं का कार्यकाल पूरा होने से पहले ही उनमें प्रशासक तैनात कर दिए जाएंगे। ग्राम पंचायत में सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), क्षेत्र पंचायत में उप जिलाधिकारी और जिला पंचायत में जिलाधिकारी को प्रशासक बनाने की तैयारी है। Uttar Pradesh panchayat chunav
  • से जुडी अब नई रोचक जानकारी सामने आ रही है। 19 अगस्त को अपर निवार्चन आयुक्त वेद प्रकाश वर्मा ने सभी जिला अधिकारियों को एक पत्र जारी किया, जिसमें कहा गया कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण  का कार्य पहली सितम्बर से शुरू करने पर आयोग विचार कर रहा है,| इसलिए पंचायतों की वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण के लिए शुरुआती प्रबंध करवाए जाएं। मगर उसी दिन आयोग ने पत्र वापस भी ले लिया। अब ऐसा होने की वजह से असमंजस की स्तिथि उत्पन्न हो गई है।

UP Panchayat Chunav 2020 | उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत चुनाव

उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत 2020 के चुनाव तय समय पर ही होंगे। ऐसी अफवाह चल रही थी की कोरोना में लॉकडाउन की वजह से यह चुनाव टाल दिए जाएंगे और ये सम्भावना सच होती नजर आ रही है |

चौधरी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 5 साल में प्रदेश के करीब 1000 ग्राम सभाओं शहरी क्षेत्र में विलय हो गया है। उन्होंने आगे बताया कि राज्य के 48 जिले विस्तार से प्रभावित हुए हैं। इनमें उतने क्षेत्र में ही परिसीमन होगा जो आंशिक रूप से पंचायत में शामिल हैं। सिंह साहब ने 2015 के चुनावों का जिक्र करते हुए कहा मुरादाबाद, संभल और गौ्ण्डा का बीते चुनाव में परिसीमन नहीं हो पाया था। आपक बता दें अब कुल 51 जिलो में नए सिरे से वार्डो का परिसीमन किया जाएगा। इसके बाद जैसे ही वार्ड बन जाएंगे वोटरर्स लिस्ट राज्य निर्वाचन आयोग को सौंप दी जाएगी।  इसके बाद वोटर लिस्ट का वृहद पुनरीक्षण का काम शुरू करवा देगा।

ज्ञात हो कि अब भी ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 दिसंबर 2020 तक है। जबकि क्षेत्र पंचायतों का कार्यकाल जनवरी और मार्च तक खत्म होगा जिसे देख कर तो यही लगता है कि ग्राम पंचायत 2020 के चुनावों में कोई देरी नहीं होगी। ऐसा ही कुछ पंचायती राज  मंत्री भूपेंद्र सिंह का कहना है।  इसके अलावा बीती 18 मई 2020 को पंचायती विभाग ने  उन 32 जिलों की 267 को सूचना जारी की है जो अब पूर्ण रूप से शहरों के क्षेत्रों में शामिल हो गई हैं। अभी ग्राम पंचायत के चुनावों को लेकर अन्य जरूरी सूचनाएं आनी बाकी हैं।

जरूर पढ़ें >> उत्तर प्रदेश मतदाता सूची 2020

[Updated August 2020] कोरोना संकट के कारण इस वर्ष चुनाव टालने सकते हैं |

कोरोना की बढ़ती महामारी की वजह से चुनाव की भी पूरी तैयारियां नहीं हो पाई है। विभागीय अधिकारियों का तो यह भी मानना है कि अगर चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी जाए तो प्लीज नियमित समय पर प्रक्रिया पूरी होनी संभव नहीं लग रहा है|

यूपी में कुल 58758 ग्राम पंचायत, 821 क्षेत्र पंचायत एवं 75 जिला पंचायत हैं। हालांकि चुनाव की तैयारी फरवरी-मार्च से प्रारंभ हो चुकी थी परंतु अब चुनाव अगले साल होने की संभावना बताई जा रही है। 25 मार्च को हुए लॉकडाउन के बाद प्रदेश कोरोनावायरस को हराने में जुटा हुआ है। 2015 में 9 अक्टूबर से लेकर 9 दिसंबर के बीच चुनाव पूर्ण हो चुके थे और इस साल भी 2020 के अंत तक चुनाव खत्म होने की संभावना थी।

अफवाहें 

बीच में ऐसी उड़ती खबरें आई थीं कि चुनाव फरवरी 2020 में हो सकते हैं| ऐसा माना जा रहा था कि मौजूदा कार्यकाल पूरा होने के बहुत पहले ही त्रिस्तरीय पंचायत को बहाल कर दिया जाएगा और फरवरी में ही चुनाव हो जाएंगे, लेकिन निर्वाचन आयोग ने इस बात को गलत करार दिया है| ये भी कहा जा रहा था के चुनाव तय समय यानी कि नवंबर-दिसंबर 2020 मे ही होंगे| लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें, कोरोना संकट के कारण चुनाव टालने पड़े हैं और ये चुनाव अब 2021 में अगले वर्ष होने के आसार लग रहे हैं |

हो सकते हैं ये बदलाव :-

  • पहली बार त्रिस्तरीय चुनावों में विधानसभा में प्रयोग की गई मतदाता सूची का ही प्रयोग किया जा सकता है
  • इस बार मतदाताओं को अन्य जन प्रतिनिधियों के साथ साथ नोटा का विकल्प भी दिया जा सकता है 
  • इस बार अधिकारियों को लेकर भी एक बड़ा फैसला किया जा रहा है| दोस्तों वो सभी अधिकारी जो पिछले तीन या उससे अधिक सालों से अपने गृह जिले में पोस्टेड हैं और चुनाव की प्रक्रियाओं से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए हैं, उन्हे वहां से हटाया जाएगा| उनकी जगह पर नए अधिकारियों को उन जगहों पर पोस्ट किया जाएगा| 

सूत्रों के अनुसार कहा यह भी जा रहा है कि इस बार के चुनाव पांच या उससे अधिक चरणों में हो सकते हैं| दोस्तों आपकी जानकारी के लिए बताता चलूँ कि पिछली बार जब यहां पर चुनाव हुए थे, तब वे केवल चार ही चरणों में हुए थे| पिछली बार भी यहां नवम्बर दिसंबर में ही चुनाव हुए थे, और नतीजा दिसंबर में ही गया था| उत्तर प्रदेश एक बहुत बड़ा राज्य है और पूरी दुनिया में ये किसी भी देश का सबसे बड़ा हिस्सा भी है, इसलिए सुरक्षा कारणों से चरणों को बढ़ाना काफी हद तक उचित माना जा रहा है

कब होंगे उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत चुनाव | UP Panchayat Election Date, Kab Hone Pradhani Chunav

कोरोना संकट के कारण इस वर्ष चुनाव टालने पड़ सकते हैं | अब ये चुनाव अगले वर्ष किये जा सकते हैं, तारीखों का एलान होते ही आपको इस लेख में नई जानकारी मिल जायेगी |

आईये अब समझते हैं ग्राम पंचायत चुनावों की प्रक्रिया :

क्या रहेगी उत्तर प्रदेश सरपंच चुनाव की प्रक्रिया

दोस्तों चुनाव की तारीख और अन्य सूचनाएं जानना तो बनता है कि देश के इतने बड़े हिस्से में की तरह से चुनाव सम्पन्न होता है| यहां चुनाव कराने की प्रक्रिया निम्नलिखित है :-

  • ग्राम पंचायत चुनाव हमेशा पांच सालों के अंतराल में होते हैं
  • प्रदेश सरकार की स्वीकृति के बिना ये नहीं हो सकते| जब प्रदेश सरकार स्वीकृति देती है उसके बाद चुनाव आयोग इस ओर आगे बढ़ता है
  • चुनाव आयोग का चुनाव की तरफ पहला कदम अधिसूचना जारी करना होता है
  • इस तरह की अधिसूचना में चुनाव से जुड़ी सभी जानकारी होती है| जैसे चुनाव की तिथि, चुनाव चिन्ह वगैरह
  • इस तरह की अधिसूचना के लागू होते ही आचार संहिता प्रारंभ हो जाती है
  • अधिसूचना में कुछ तिथियां दी जाती हैं| उन्ही के अंदर अंदर कैंडिडेट को अपना नामांकन करवाना पड़ता है
  • ये नामांकन निर्वाचन अधिकारी के सामने देना पड़ता है और निर्वाचन अधिकारी चाहे तो इसे रद्द भी कर सकता है
  • यदि निर्वाचन अधिकारी इसे स्वीकार करता है तो इसके बाद कैंडिडेट अपना चुनाव चिन्ह आयोग को देता है
  • स्वीकार किए कैंडिडेट प्रचार करते हैं| चुनाव के 2 दिन पहले प्रचार बन्द कर दिया जाता है और तय तिथि पर चुनाव करा दिए जाते हैं
  • उसके बाद मतगणना होती है और चुनाव में जीतने वाले कैंडिडेट को ग्राम पंचायत का प्रधान बना दिया जाता है

आशा है इस लेख में दी गई जानकारी आपको पसंद आयी होगी | UP Panchayat election 2020 की ताज़ा जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर बने रहिये |

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उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव कब हो सकते हैं?

अगले पंचायत चुनाव संभवतः नवंबर दिसंबर 2020 में होंगे | अगर चुनाव कार्यक्रम में कोई फेरबदल होगा तो चुनाव आयोग इसकी जानकारी दे देगा

क्या चुनाव में नोटा का विकल्प रहेगा?

जी हाँ |

यूपी पंचायत चुनाव की अधिसूचना कब जारी होगी ?

अधिसूचना २०२० के दूसरी छःमाही में कभी भी जारी हो सकती है