Swami Vivekananda Paryatan Yojana| How to Apply, Benefits,Registration

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1 स्वामी विवेकानंद एतिहासिक पर्यटन योजना से जुड़े मुख्य बिंदु (Key Points About Swami Vivekananda Paryatan Yojna)

स्वामी विवेकानंद एतिहासिक पर्यटन योजना के तहत, उत्तर प्रदेश सरकार, प्रदेश में कार्य रहे मजदूरों और छोटे कर्मचारियों को 12,000 रुपये देगी, जिसके जरिए वह धार्मिक यात्रा कर सकते हैं। आइए जानते हैं इस योजना से जुड़ी सभी जानकारी।

Vivekananda Prayatan yojana

स्वामी विवेकानंद एतिहासिक पर्यटन योजना से जुड़े मुख्य बिंदु (Key Points About Swami Vivekananda Paryatan Yojna) 

  • यह योजना उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रायोजित है। इसके अंतर्गत सरकार फैक्ट्रियों, वर्कशॉप, दुकानों में काम करने वाले मजदूरों को 12 हजार रुपये देगी ताकि वह धार्मिक यात्रा कर सकें।
  • इस योजना को, गरीबी रेखा से नीचे के लोगों के बीच, यात्रा और पर्यटन का महत्व बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है। 
  • इस योजना के लिए 24 जनवरी से अप्लाई किया जा सकता है। 
  • इस योजना से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि आपका उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त लेबर कार्ड जरूरी है। यदि आपके पास लेबर कार्ड नहीं है तब आप इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं। 
  • यह योजना पूरे प्रदेश के डेढ़ करोड़ से भी मजदूरों को फायदा पहुंचाएगी, हालांकि यह भी जरूरी है कि आवेदन करने वाला मौजूदा समय में कार्यरत हो। 
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स्वामी विवेकानंद पर्यटन योजना उत्तर प्रदेश (Required Documents)

  • पहचान प्रमाण पत्र – आधार कार्ड, पेन कार्ड, पहचान पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि का प्रयोग किया जा सकता है। 
  • उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त लेबर कार्ड। 
  • पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ। 
  • बैंक पास बुक। 
  • बैंक में खाता होना अनिवार्य शर्त है। 

स्वामी विवेकानंद एतिहासिक पर्यटन योजना के लिए योग्यता (Eligibility Required For Swami Vivekananda Yojana) 

  • आवेदन करने वाला व्यक्ति उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए। अन्य राज्य के लेबर आवेदन नहीं कर सकते। 
  • आवेदन करने वाला व्यक्ति उत्तर प्रदेश सरकार के लेबर वेल्फेयर बोर्ड में नामांकित होना चाहिए यानी कि उसका लेबर कार्ड बना होना चाहिए। 
  • आवेदन करने वाला व्यक्ति मौजूदा समय मे कार्यरत होना चाहिए। 
  • आवेदन पत्र पर आपके शिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर भी जरूरी हैं। यानी कि जहां से आपने अपनी स्किल को सीखा है, उस संस्थान की मोहर आपके आवेदन पत्र पर होनी चाहिए।

स्वामी विवेकानंद एतिहासिक पर्यटन योजना के लिए शहर (Places included in UP Swami Vivekananda Yojana) 

उत्तर प्रदेश वेल्फेयर बोर्ड ने कुछ शहरों को नामांकित किया है जहां जाकर पर्यटन किया जा सकता है। उन शहरों के नाम निम्न हैं :-

  • मथुरा 
  • अयोध्या 
  • वाराणसी 
  • हस्तिनापुर 
  • प्रयाग राज
  • गोरखपुर 
  • विन्ध्याचल, मिर्जापुर 
  • आगरा 
  • वैष्णो देवी मंदिर 

आने वाले समय में इसमे और शहर भी जोड़े जाएंगे। 

स्वामी विवेकानंद एतिहासिक पर्यटन योजना के लिए कैसे अप्लाई करें (How to Apply for Swami Vivekananda Tourism Scheme of UP)

  • सबसे पहले फॉर्म को डाऊनलोड करके प्रिंट आउट निकाल लें। फॉर्म डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें। 
  •  यह फॉर्म आपको डीएम और एसडीएम ऑफिस में भी मिल जाएगा। 
  • उसके बाद इस फॉर्म को ठीक ढंग से भर दें। इस फॉर्म में जो भी डॉक्युमेंट बताये गये हों। उन डॉक्युमेंट्स को फॉर्म के साथ अटैच जरूर करें। 
  • फॉर्म भरने के बाद आप इसे लेबर ऑफिस में जमा कर सकते हैं। अगर इसे अप्रूव किया जाता है तब आपके खाते में 12 हजार रुपये आ जाएंगे। 
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UP विवेकानंद पर्यटन स्कीम से जुड़े प्रश्न (FAQ) 

इस योजना के तहत किसे फायदा मिलेगा? 

इस योजना के तहत केवल मजदूरों को फायदा मिलेगा, जो कि लेबर वेल्फेयर के साथ रजिस्टर होंगे। 

इस योजना के तहत सरकार कितने रुपये देगी? 

12 हजार रुपयों का प्रावधान रखा गया है। 

इस योजना का लाभ कितनी बार उठाया जा सकता है?

इस बारे में सरकार द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई है। 

क्या इस योजना का हिस्सा अन्य राज्य के मजदूर भी बन सकते हैं? 

नहीं। यह योजना केवल उत्तर प्रदेश के मजदूरों के लिए है।