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UP Sarkari Yojana

उत्तर प्रदेश सरकार योजना सूची 2024 | उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई गई योजनयों की सूची

तो प्यारे दोस्तों उत्तर प्रदेश सरकार समय-समय पर तरह-तरह की सरकारी योजनाओं की घोषणा करती रहती है यहां पर हम आपको उत्तर प्रदेश सरकार संबंधित हर योजना की जानकारी हिंदी में देते रहेंगे हर व्यक्ति के लिए वर्ग के लिए सरकार ने किसी न किसी तरह की योजना चला रखी है |

अगर आप उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और सरकारी योजनाओं में रुचि रखते हैं तो यहां पर आपको सारी योजनाओं की संपूर्ण जानकारी विस्तार से मिल जाएगी आपको बस अपने पसंद की योजना पिक क्लिक करना है और आप सारी जानकारी आसानी से ले सकेंगे अगर कोई योजना यहां पर नहीं दिख रही है तो कृपया उसका नाम कमेंट सेक्शन में बता दें ताकि हम जल्दी से जल्दी उसे अपडेट करके आपको जानकारी दे सकें

उत्तर प्रदेश लघु सिंचाई योजना |ऑनलाइन आवेदन |एप्लीकेशन फॉर्म|

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यूपी लघु सिंचाई स्कीम के बारे में आपको बताएंगे आप सभी जानना चाहते हैं लघु सिंचाई योजना क्या है और हम इसका लाभ किस प्रकार से ले सकते हैं किसानों को इससे क्या फायदा होगा आप सभी जानते हैं सभी किसान खेती करते हैं|और किसानों को जो भी उत्तर प्रदेश की लघु सिंचाई की योजनाएं चल रही हैं उनका पूरा पूरा लाभ मिलना चाहिए इसके लिए दोस्तों कृपया हमारे इस आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें हम आपको इसमें लघु सिंचाई विभाग उत्तर प्रदेश योजनाओं की पूरी जानकारी देंगे की कौन-कौन सी ऐसी योजनाएं हैं जिनका किसान लोग पूरा पूरा लाभ लेकर  फायदा ले सकते हैं|

 

सूखे की बार-बार पड़ने वाली विभीषिका से निपटने हेतु 19वी शताब्दी के उत्तरार्द्ध में सिंचाई के विकास के महत्व को समझा जाने लगा था। वर्ष 1897-98 एवं 1899-1900 में पड़े भयंकर सूखों में सिंचाई के नियोजित एवं त्वरित विकास ने महती भूमिका निभायी। वर्ष 1901 में गठित प्रथम इरीगेशन कमीशन को देश में सूखे के विरूद्ध निपटने में सिंचाई के क्षेत्र में रिपोर्ट उपलब्ध कराने का कार्य सौंपा गया। कमीशन द्वारा निजी सिंचाई साधनों के विकास हेतु कतिपय सुझाव दिये गये। वर्ष 1939 में शासन द्वारा Agricultural Reorganization समिति गठित की गयी, जिसने वर्ष 1941 में अपनी रिपोर्ट दी। इसमें अन्य के अलावा जल उठाने के साधन/मशीनरी, छोटी बोरिंग, नलकूप, कूप छेदकों की ट्रेनिंग आदि के सम्बन्ध में कतिपय अनुशंसायें की गयी थी। उपरोक्त संस्तुतियों को वर्ष 1947 में मुख्य कृषि अभियन्ता के अधीन कार्यान्वित किया गया। सिंचाई का कार्य प्रदेश को तीन जोन में बांटकर कराया गया, जिसके मुख्यालय मेरठ, कानपुर तथा वाराणसी बनाये गये। इस प्रकार निजी नलकूपों हेतु बोरिंग का कार्य पहले एग्रीकल्चरल इन्जीनियरिंग विभाग के माध्यम से किया जाता था।

पहली जुलाई 1954 को इस विभाग को नियोजन विभाग से सम्बद्ध किया गया, तत्पश्चात् वर्ष 1964 में शासनादेश सं0 5819/38-8-517/1964 दिनांक 08.10.1964 द्वारा आयुक्त कृषि उत्पादन एवं ग्राम्य विकास की देख-रेख में लघु सिंचाई विभाग की स्थापना की गयी।Read More »उत्तर प्रदेश लघु सिंचाई योजना |ऑनलाइन आवेदन |एप्लीकेशन फॉर्म|