राजस्थान के वह लोग जो दिन की कमाई से अपना पेट भी सही तरह नहीं पाल पाते, या ऐसे लोग जो मजदूरी करने के लिए राज्य में रहते हैं और अपने खाने की व्यवस्था नहीं कर पाते, उनके लिए सरकार ने एक बेहतरीन योजना की शुरूआत की है। इस योजना का नाम है इंदिरा रसोई योजना।  राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा Indira Rasoi Yojana

शुरू करने का ऐलान किया है। इस योजना के माध्यम से राज्य के गरीब एंव निर्धन लोगों को सस्ते दामों पर पोष्टिक भोजन परोसा जाए इसकी व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस योजना पर प्रतिवर्ष 100 करोड़ रूपए खर्च करने का भी ऐलान किया है। आपको बता दे इससे पहले राजस्थान में अन्नपूर्णा रसोई योजना चलाई जा रही थी इसी को बदल कर अब नए रूप में चलाया जाएगा। क्योंकि अब यह योजना नए सिरे से शुरू हो रही है तो हो सकता है कि इसमें कुछ अहम बदलाव भी किए जाएं। आइए जानते हैं Indira Rasoi Yojana में क्या अलग होगा और इससे जुड़ी कुछ अहम बातें।

क्या है इंदिरा रसोई योजना

इंदिरा रसोई एक ऐसी योजना है जिसके माध्यम से राज्य के गीरब एंव निर्धन लोगों को महज 5-10 रूपए में ही दो वक्त का खाना मुहैया कराया जाएगा। लेकिन यह अन्नपूर्ण रसोई योजना से काफी हद तक अलग होगी। इस स्कीम में वैन या वाहनों के माध्यम से खाना नहीं दिया जाएगा, बल्कि अब यह योजना स्थाई रसोई से चलाई जाएगी। यंहा लोगों के बैठने की भी व्यवस्था की जाएगी।

Indira Rasoi Yojana का उद्देश्य

यह हम सभी जानते हैं कि देश में हर साल भुखमरी से ना जाने कितने ही लोगों की मृत्यु तक हो जाती है, ऐसे ही आंकड़े राजस्थान के भी हैं। यंहा भी भुखमरी के चलते बहुत से लोगों की हर मौत हो जाती है। यह लोग या तो काम काज ना होने की वजह से खाद्य सामग्री की व्यवस्था नहीं कर पाते, या फिर यह उतना कमाते ही नहीं हैं जिसके जरिए अपना और अपने परिवार का पेट पाल सकें। राजस्थान सरकार ने इस तरह के लोगों को दो वक्त का खाना बिलकुल उचित दाम पर मिल जाए और किसी की जान भोजन ना होने की वजह से ना जाए इसलिए ही यह योजना शुरू की गई है।

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इंदिरा रसोई से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

  • अन्न पूर्णा योजना की तरह ही इंदिरा रसोई के संचालन की ज़िम्मेदारी किसी एक संस्था को नहीं दि जाएगी, बल्कि इस योजना को स्वंय सेंवियों के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
  • योजना में किसी तरह की कोई धांधली ना हो इसके लिए सबसे पहले जिला स्तर पर योजना की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर की होगी, इसके आगे नोडल प्रभारी होंगे।
  • इस योजना को विभिन्न एनजीओ कोहर जिले और निकायवार से जोड़ा जाएगा।
  • वैन की जगह स्थाई  रसोई में ही भोजन परोसने की व्यवस्था की जाएगी। ताकि लोग वही आराम से बैठकर खा सकें।
  • योजना के लिए जिले वार किया जाएगा बजट आवंटित
  • इस योजना के माध्यम से नगर पालिका क्षेत्र में 2 रसोई होंगी। वही नगर परिषद क्षेत्र में  5 रसोई स्थापित की जाएंगी। जबकि नगर निगम के क्षेत्र में सबसे अधिक 8 रसोई यों की स्थापना की जाएगी।
  • रसोई निर्माण का कार्य सरकारी भवन, एनजीओ में किया जाएगा। इसे इस तरह बनाया जाएगा कि एक समय में कई लोग यंहा भोजन कर सकें।
  • चेन्नई में चल रही अम्मा की रसोई की तरह ही योजना का संचालन किया जाएगा। इंदिरा रसोई इसी तरह काम करे इसके लिए आईएस अफसरों का दल चेन्नई के लिए रवाना हो चुका है।
  • प्रति व्यक्ति के भोजन बनाने में 20 रूपए का खर्च आएगा, जिसमे से 12 रूपए का भार राज्य सरकार पर होगा। जबकि बचा हुआ 8 रूपए भोजन करने वाले व्यक्ति से वसूला जाएगा।
  • इंदिरा रसोई पर प्रतिवर्ष 100 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे।

Benefits Of Indira Rasoi Yojana

  • योजना के माध्यम से राज्य के लोगों को सस्ते दामों पर भोजन मिल जाएगा।
  • भोजन के लिए भोजन करने वाले व्यक्ति को केवल 8 रूपए का खर्च उठाना होगा
  • हर व्यक्ति पर भोजन की लागत 20 रूपए होगी जिसमें से 12 रूपए राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
  • इस बार लोगों को खड़े होकर खाने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि लोगों के बैठने का इंतजाम भी किया जाएगा।
  • दिन का 100 या उससे भी कम कमाने वाला व्यक्ति महज 16 रूपए में दो वक्त का खाना खा पाएगा।
  • राज्य में भोजन ना मिल पाने की वजह से होने वाली मौतों पर रोक लग सकेगी।

इंदिरा रसोई योजना से सम्बंधित प्रशनोत्तर

इंदिरा रसोई योजना किस राज्य द्वारा लागू की गई है?

यह योजना राजस्थान सरकार द्वारा लागू की गई है।

राजस्थान इंदिरा रसोई योजना से क्या लाभ होगा?

इंदिरा रसोई योजना के जरिए गरीब एंव निर्धन लोगों को सस्ते दामों पर खाना मुहैया कराया जाएगा।

क्या इंदिरा रसोई योजना की तरह ही कोई योजना राज्य में और भी चलाई जा रही थी?

हां असल में इंदिरा रसोई योजना अन्न पूर्णा योजना है जिसे नए नाम और कुछ बदलाव के साथ शुरू किया जा रहा है।

इंदिरा रसोई योजना में प्रति व्यक्ति की थाली पर कितना पैसा खर्च होगा?

इस योजना में प्रति व्यक्ति की थाली पर 20 रूपए खर्च होगा, इसमें 12 रूपए राज्य सरकार उठाएगी, वही 8 रूपए भोजन करने वाले व्यक्ति से वसूले जाएंगे।

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