राजस्थान इंदिरा रसोई योजना 2020। Raj Govt Indira Rasoi Scheme


 राजस्थान के वह लोग जो दिन की कमाई से अपना पेट भी सही तरह नहीं पाल पाते, या ऐसे लोग जो मजदूरी करने के लिए राज्य में रहते हैं और अपने खाने की व्यवस्था नहीं कर पाते, उनके लिए सरकार ने एक बेहतरीन योजना की शुरूआत की है। इस योजना का नाम है इंदिरा रसोई योजना।  राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा Indira Rasoi Yojana शुरू करने का ऐलान किया है। इस योजना के माध्यम से राज्य के गरीब एंव निर्धन लोगों को सस्ते दामों पर पोष्टिक भोजन परोसा जाए इसकी व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस योजना पर प्रतिवर्ष 100 करोड़ रूपए खर्च करने का भी ऐलान किया है। आपको बता दे इससे पहले राजस्थान में अन्नपूर्णा रसोई योजना चलाई जा रही थी इसी को बदल कर अब नए रूप में चलाया जाएगा। क्योंकि अब यह योजना नए सिरे से शुरू हो रही है तो हो सकता है कि इसमें कुछ अहम बदलाव भी किए जाएं। आइए जानते हैं Indira Rasoi Yojana में क्या अलग होगा और इससे जुड़ी कुछ अहम बातें।

Rajasthan Indira Rasoi Yojana 2020 Latest Updates:

राजस्थान सरकार ने गरीबों को दो वक्त का भोजन प्रदान करने के लिए एक नई स्कीम को जारी किया है। इंदिरा रसोई योजना के अंतर्गत गरीबों और जरूरतमंदों को केवल 8 रुपए में राज्य सरकार द्वारा भोजन प्रदान किया जाएगा। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ‘कोई भूखा ना सोए’ के संकल्प को ध्यान में रखते हुए Indira Rasoi Yojana की शुरुआत की है। 20 अगस्त से प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में Indira Rasoi Yojana के अंतर्गत भोजन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। अब केवल ₹8 में लोगों को सेवा भाव के साथ पौष्टिक व शुद्ध भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। 

प्रतिवर्ष 100 करोड रुपए होंगे खर्च

सरकार की इस नई योजना को चलाने के लिए प्रतिवर्ष 100 करोड रुपए खर्च होंगे। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बैठक में खुद इस योजना की समीक्षा की थी। यह योजना पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी के नाम पर रखी गई है जिन्होंने जन सेवा मैं अपना जीवन समर्पित किया था। सरकार द्वारा पूरी पारदर्शिता एवं जनभागीदारी रखने का वायदा है ताकि इस योजना को सफल बनाया जा सके। ऐसी योजना द्वारा सरकार की पूरी कोशिश रहेगी कि प्रदेश के सभी लोगों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध हो। राजस्थान सरकार ने इस स्कीम को लॉन्च करके पूरे देश के लिए एक मिसाल खड़ी की है।

4 करोड़ 87 लाख लोगों को मिलेगा लाभ

स्वयत्तशासन विभाग के सचिव भवानी सिंह देता ने बताया है कि इस योजना के अंतर्गत करीब चार करोड़ 87 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इस स्कीम के तहत Van गाड़ियों को जगह स्थाई दुकानों पर खाना दिया जाएगा। सरकार किसी फर्म को टेंडर ना देकर गैर सरकारी संगठनों की मदद लेने का विचार कर रही है। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ऐसी संस्थानों का चुनाव करने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश देदिए हैं। सरकार का दावा है कि इस योजना से आगे अधिक लोगों को लाभ मिलेगा। 

रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड एवं अस्पतालों में यह रसोई खोली जाएंगी। इन स्थानों पर लोग अधिक पाए जाते हैं। भोजन में प्रति थाली 100 ग्राम दाल, 100 ग्राम सब्जी, 250 ग्राम चपाती और आचार दिया जाएगा. स्थानीय आवश्यकता के अनुसार मेन्यू में परिवर्तन करने की छूट है।

योजना की मॉनिटरिंग की जाएगी

भवानी सिंह देथा द्वारा बताया गया है कि योजना की आईटी आधारित मॉनिटरिंग की जाएगी। लोगों को इस योजना का लाभ उठाने के लिए कूपन लेना होगा और कूपन लेते ही उनके मोबाइल नंबर पर s.m.s. द्वारा सूचना पहुंचा दी जाएगी। रसोई की निगरानी सीसीटीवी एवं मोबाइल ऐप द्वारा रखी जाएगी। 

राज्य सरकार द्वारा प्रति थाली ₹12 की सब्सिडी मिलेगी

नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल द्वारा सूचना दी गई है कि सरकार प्रति थाली 12 रूपए की सब्सिडी देगी। एक थाली की कीमत 20 रूपए है।पूरे प्रदेश में कुल 358 रसोई खोली जाएंगी। यह रसोई प्रदेश के 213 नगरों में तैयार होंगी जहां गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को पूरे सम्मान एवं आदर के साथ कम दामों में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। भोजन की गुणवत्ता निश्चित करने के लिए राज्य एवं जिला स्तर पर एक कमेटी का निर्माण किया जाएगा।

कॉरोना से बचाव का रखा जाएगा ध्यान

कोरोना के समय में साफ सफाई, सनिटाइजेशन एवं खाने के बंटवारे का पूरा ध्यान रखा जाएगा। किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यह पूरे देश के लिए बहुत ही कठिन समय है और गरीब लोग इस समय में सबसे ज्यादा परेशान है। इसी कारण से इस योजना को लॉन्च किया गया है ताकि उन्हें दो वक्त का भोजन बिना किसी असुविधा के प्राप्त हो सके। उनकी कोरोना से सुरक्षा का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा। 

FAQ

Q. यह योजना कब से लागू होगी?

A. Indira Rasoi Yojana 20 अगस्त 2020 से लागू होगी।

Q. एक प्लेट भोजन के लिए कितने पैसे देने होंगे?

A. इस स्कीम में एक प्लेट की कीमत ₹20 है और सरकार द्वारा ₹12 की सब्सिडी प्रदान की जा रही है तो लाभार्थियों को केवल ₹8 प्रति प्लेट के रूप से भोजन मिलेगा।

Q. इस स्कीम के साथ क्या ‘ अपना रसोई ‘ योजना भी चलेगी?

A. नहीं, इस स्कीम के लॉन्च के बाद वसुंधरा राजे द्वारा चलाई स्कीम को बंद कर दिया जाएगा।

Q. इस स्कीम का संचालन कौन करेगा?

A. अशोक गहलोत द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार ऐसे संस्थानों का चुनाव किया जाएगा जो निस्वार्थ भाव से इस स्कीम का संचालन कर सकें। 

क्या है इंदिरा रसोई योजना

इंदिरा रसोई एक ऐसी योजना है जिसके माध्यम से राज्य के गीरब एंव निर्धन लोगों को महज 5-10 रूपए में ही दो वक्त का खाना मुहैया कराया जाएगा। लेकिन यह अन्नपूर्ण रसोई योजना से काफी हद तक अलग होगी। इस स्कीम में वैन या वाहनों के माध्यम से खाना नहीं दिया जाएगा, बल्कि अब यह योजना स्थाई रसोई से चलाई जाएगी। यंहा लोगों के बैठने की भी व्यवस्था की जाएगी। 

Indira Rasoi Yojana का उद्देश्य

यह हम सभी जानते हैं कि देश में हर साल भुखमरी से ना जाने कितने ही लोगों की मृत्यु तक हो जाती है, ऐसे ही आंकड़े राजस्थान के भी हैं। यंहा भी भुखमरी के चलते बहुत से लोगों की हर मौत हो जाती है। यह लोग या तो काम काज ना होने की वजह से खाद्य सामग्री की व्यवस्था नहीं कर पाते, या फिर यह उतना कमाते ही नहीं हैं जिसके जरिए अपना और अपने परिवार का पेट पाल सकें। राजस्थान सरकार ने इस तरह के लोगों को दो वक्त का खाना बिलकुल उचित दाम पर मिल जाए और किसी की जान भोजन ना होने की वजह से ना जाए इसलिए ही यह योजना शुरू की गई है। 

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इंदिरा रसोई से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

राजस्थान इंदिरा रसोई योजना 2020
  • अन्न पूर्णा योजना की तरह ही इंदिरा रसोई के संचालन की ज़िम्मेदारी किसी एक संस्था को नहीं दि जाएगी, बल्कि इस योजना को स्वंय सेंवियों के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
  • योजना में किसी तरह की कोई धांधली ना हो इसके लिए सबसे पहले जिला स्तर पर योजना की जिम्मेदारी जिला कलेक्टर की होगी, इसके आगे नोडल प्रभारी होंगे। 
  • इस योजना को विभिन्न एनजीओ कोहर जिले और निकायवार से जोड़ा जाएगा। 
  • वैन की जगह स्थाई  रसोई में ही भोजन परोसने की व्यवस्था की जाएगी। ताकि लोग वही आराम से बैठकर खा सकें।
  • योजना के लिए जिले वार किया जाएगा बजट आवंटित
  • इस योजना के माध्यम से नगर पालिका क्षेत्र में 2 रसोई होंगी। वही नगर परिषद क्षेत्र में  5 रसोई स्थापित की जाएंगी। जबकि नगर निगम के क्षेत्र में सबसे अधिक 8 रसोई यों की स्थापना की जाएगी।
  • रसोई निर्माण का कार्य सरकारी भवन, एनजीओ में किया जाएगा। इसे इस तरह बनाया जाएगा कि एक समय में कई लोग यंहा भोजन कर सकें।
  • चेन्नई में चल रही अम्मा की रसोई की तरह ही योजना का संचालन किया जाएगा। इंदिरा रसोई इसी तरह काम करे इसके लिए आईएस अफसरों का दल चेन्नई के लिए रवाना हो चुका है।
  • प्रति व्यक्ति के भोजन बनाने में 20 रूपए का खर्च आएगा, जिसमे से 12 रूपए का भार राज्य सरकार पर होगा। जबकि बचा हुआ 8 रूपए भोजन करने वाले व्यक्ति से वसूला जाएगा। 
  • इंदिरा रसोई पर प्रतिवर्ष 100 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे।

Benefits Of Indira Rasoi Yojana

  • योजना के माध्यम से राज्य के लोगों को सस्ते दामों पर भोजन मिल जाएगा।
  • भोजन के लिए भोजन करने वाले व्यक्ति को केवल 8 रूपए का खर्च उठाना होगा
  • हर व्यक्ति पर भोजन की लागत 20 रूपए होगी जिसमें से 12 रूपए राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
  • इस बार लोगों को खड़े होकर खाने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि लोगों के बैठने का इंतजाम भी किया जाएगा।
  • दिन का 100 या उससे भी कम कमाने वाला व्यक्ति महज 16 रूपए में दो वक्त का खाना खा पाएगा।
  • राज्य में भोजन ना मिल पाने की वजह से होने वाली मौतों पर रोक लग सकेगी।

इंदिरा रसोई योजना से सम्बंधित प्रशनोत्तर

इंदिरा रसोई योजना किस राज्य द्वारा लागू की गई है?

यह योजना राजस्थान सरकार द्वारा लागू की गई है।

राजस्थान इंदिरा रसोई योजना से क्या लाभ होगा?

इंदिरा रसोई योजना के जरिए गरीब एंव निर्धन लोगों को सस्ते दामों पर खाना मुहैया कराया जाएगा।

क्या इंदिरा रसोई योजना की तरह ही कोई योजना राज्य में और भी चलाई जा रही थी?

हां असल में इंदिरा रसोई योजना अन्न पूर्णा योजना है जिसे नए नाम और कुछ बदलाव के साथ शुरू किया जा रहा है।

इंदिरा रसोई योजना में प्रति व्यक्ति की थाली पर कितना पैसा खर्च होगा?

इस योजना में प्रति व्यक्ति की थाली पर 20 रूपए खर्च होगा, इसमें 12 रूपए राज्य सरकार उठाएगी, वही 8 रूपए भोजन करने वाले व्यक्ति से वसूले जाएंगे।

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