राजस्थान अपना धाम-अपना काम-अपना नाम योजना


अपना धाम-अपना काम-अपना नाम योजना|Rajasthan apna dham apna kaam apna naam yojana in hindi|Rajasthan Varisth Nagrik Tirth Yatra 2017-18 Online Registration

प्यारे राजस्थान वासियों अब आपके लिए खुशखबरी का मौका है |दीनदयाल उपाध्याय तीर्थ यात्रा योजना के अंतर्गत राजस्थान सरकार लेकर आई है |अपना धाम अपना काम अपना नाम योजना इस योजना के अंतर्गत बुजुर्गों को यात्रा करवाई जाएगी |इस पूरी यात्रा की जानकारी हम आपको अपने आर्टिकल में देंगे| कृपया इस को ध्यान से पढ़ें |ताकि आपको यात्रा करने में किसी भी दिक्कत का सामना ना करना पड़े|

Apply Online for Deendayal Upadhayaya Tirth Yatra Yojana 2017

योजना प्रारंभ वर्ष

राजस्थान सरकार ने इस योजना का प्रारंभ 2008 में किया ताकि बुजुर्गों को यात्रा करवाई जाए और उनको किसी भी दिक्कत का सामना ना करना पड़े|

अपना धाम-अपना काम-अपना नाम योजना  का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य उद्देश्य है|मंदिरों की रिक्त पड़ी भूमियों/अ  नुपयोगी संपदाओं पर जनसहभागिता से नव-निर्माण कराकर या पुनर्निर्माण कराकर धार्मिक/सामाजिक या सांस्कृतिक उपयोग/उपभोग-लायक बनाना|

अपना धाम-अपना काम-अपना नाम योजना पात्रता

  1. इस योजना में सहभागिता राजस्थान सार्वजनिक प्रन्यास अधिनियम के तहत पंजीकृत प्रन्यासों के माध्यम से की जा सकेगी, जिसमें देवस्थान विभाग का प्रतिनिधि भी प्रन्यासी के रूप में होगा।
  2. इस योजना के अन्तर्गत उपलब्ध रिक्त भूमियों/अनुपयोगी संपदाओं का विवरण परिशिष्ट ‘अ’(देवस्थान विभाग द्वारा चिह्नित मंदिर की संपदा) पर उपलब्ध है।
  3. इस योजना में रिक्त भूमियों/अनुपयोगी संपदाओं पर नव-निर्माण/पुनर्निर्माण केवल सामाजिक, धार्मिक व सांस्कृतिक क्रियाकलापों के लिये ही किया जा सकेगा, उक्त स्थानों पर समस्त गतिविधियां धार्मिक भावनाओं के अनुरूप होगी।
  4. इस योजना में निर्माणकर्ता प्रन्यास द्वारा कराया गया निर्माण मंदिर के भेंट स्वरूप माना जावेगा, परन्तु निर्माणकर्ता प्रन्यास को नियत अवधि अधिकतम 30 वर्ष के लिये निर्धारित शर्तों पर अनुमत उपयोग/उपभोग हेतु संचालन/प्रबन्धन का अधिकार होगा।
  5. इस योजना में निर्मित निर्माण संरचना का नामकरण प्रन्यास के प्रस्तावानुसार विभागीय स्वीकृति के उपरान्त रखा जाएगा।
  6. देवस्थान विभाग का अनुपयोगी संपदायें नियत अवधि के लिए निर्माण-संचालन-हस्तान्तरण (बी.ओ.टी.) या अनुरक्षण-संचालन-हस्तान्तरण  (एम.ओ.टी.) के आधार पर पंजीकृत प्रन्यासों को दी जा सकेगी।
  7. यदि पब्लिक ट्रस्ट लीजशुदा भूमि पर धार्मिक/सामाजिक/जनहित कार्यों के निर्माण के अतिरिक्त व्यावसायिक प्रयोजन निर्माण भी करवाया जाता है, तो ऐसी व्यावसायिक सम्पत्ति की लीज की अवधि अधिकतम 5 वर्ष की होगी।
  8. लीज पर दी गई कृषि भूमि का यदि बाद में गैर कृषि प्रयोजनार्थ रूपान्तरण हो जाता है, तब भी उस भूमि पर स्वामित्व मंदिर मूर्ति का ही होगा।
  9. जिन सार्वजनिक प्रन्यासों को भूमि लीज पर दी जाएगी उन्हें, दर्शनार्थियों की सुविधाओं से संबंधित अन्य कार्य जैसे प्याऊ, जूते-चप्पल संभालना, सुलभ शौचालय आदि को संचालित करने की व्यवस्था का कार्य भी यथावश्यक सौंपा जा सकता है।

अपना धाम-अपना काम-अपना नाम योजना दस्तावेज

  1. प्रन्यास पंजीकरण प्रमाण-पत्र की प्रमाणित प्रति।
  2. निर्माण का प्लान मय अनुमानित खर्च के तकमीने सहित।
  3. निर्माण हेतु वांछित पूंजी का अर्जन प्लान तथा पूंजी की व्यवस्था की योजना।
  4. प्रन्यासियों का नाम/पता/व्यवसाय सहित विवरण।
  5. यदि प्रन्यास पूर्व में पंजीकृत है, तो गत तीन वर्षों के क्रिया-कलापों का मय अंकेक्षण रिपोर्ट विवरण।
  6. नव-निर्मित संरचना/भवन के संचालन की योजना।

अपना धाम-अपना काम-अपना नाम योजना ऑनलाइन आवेदन

दोस्तों आवेदन करने के लिए आपको यहां पर दिए गए वेबसाइट पर जाना होगा|

http://devasthan.rajasthan.gov.in

दीन दयाल उपाध्याय वरिष्ठ नागरिक 2017" दिया गया है

  1. यदि आपका पुण्यार्थ सार्वजनिक प्रन्यास पंजीकृत नहीं, तो उसे पंजीकृत करा लें। इसके लिए संबंधित सहायक आयुक्त, देवस्थान के कार्यालय से सम्पर्क करें।
  2. परिशिष्ट ’अ’ में वर्णित रिक्त भूमि/सम्पदा (देवस्थान विभाग द्वारा चिह्नित मंदिर की संपदा) में से भूमि/सम्पदा का चयन करें।
  3. चयनित रिक्त भूमि/संपदा का सामाजिक/धार्मिक/सांस्कृतिक प्रयोजनार्थ अपना प्लान मय प्रस्तावित निर्माण के नक्शे सहित बनाएं। इस निर्माण के खर्चे का तकमीना भी तैयार कराएं।
  4. निर्माण हेतु वांछित पूंजी के अर्जन तथा संचालन हेतु आवश्यक पूंजी का अनुमानित ब्यौरा तैयार करें।
  5. इसके पश्चात् आप आयुक्त, देवस्थान विभाग के पास तीन प्रतियों में प्रार्थना-पत्र संलग्न करें।

संपर्क सूत्र

संबंधित सहायक आयुक्त, देवस्थान विभाग।

Nodal Officer:- Sh. Jatin Gandhi, Dy. Commissioner Devasthan Department, Udaipur 

Telephone No.: 0294-2524813 (Office), Mobile No.: – 94136-64373

नोट:-

उक्त विवरण केवल सरल संकेतक है। योजना संबंधी अन्य शर्तों, प्रावधानों के लिये मूल विभागीय आदेश व परिपत्रों का अवलोकन करें। विभाग द्वारा नियमों के अध्यधीन उपनियम बनाए जा सकेंगे।
योजना संबंधी किसी भी बिन्दु पर समस्या समाधान आयुक्त कार्यालय देवस्थान विभाग, उदयपुर से किया जा सकेगा।
इस योजना के किसी भी दिशा निर्देश, आदेश की व्याख्या के लिये देवस्थान विभाग राजस्थान सरकार का विनिश्चय अन्तिम होगा।

दोस्तों यदि आप इस योजना से संबंधित कोई भी प्रश्न पूछना चाहते हैं तो मुझे कमेंट करके  पूछें | मैं आपके प्रश्नों का जवाब जरुर दूंगी मेरे फेसबुक पेज को शेयर और लाइक करना ना भूले

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *