अन्नपूर्णा दूध योजना|Annapoorna Milk Scheme|Annapoorna Milk yojana|Annapoorna doodh Scheme|Rajasthan Annapoorna Milk Scheme in Hindi|Annapoorna Milk yojana|राजस्थान अन्नपूर्णा दूध योजना

प्यारे राजस्थान वासियों जैसा कि आप सभी जानते हैं !!!!!!हम आपको अपनी वेबसाइट

पर सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी देने की कोशिश करते हैं ताकि आप सरकार की तरफ से चल रही सभी सरकारी योजनाओं
का पूरा लाभ उठा सकें दोस्तों आज हम आपके लिए राजस्थान सरकार की तरफ से चल रही अन्नपूर्णा दूध योजना के बारे में बताने जा रहे हैं हम आपको बताएंगे अन्नपूर्णा दूध योजना क्या है ? दूध कौन से बच्चों को दिया जाएगा? इसकी पूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे पूरे आर्टिकल को कृपया ध्यान से पढ़ें और राजस्थान अन्नपूर्णा दूध योजना की पूरी जानकारी प्राप्त करें|

अन्नपूर्णा दूध योजना क्या है?

इस योजना के तहत कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को 150 एम.एल. व कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को 200 एम.एल. दूध विद्यालयों में दिया जाएगा। मिडडेमील के भोजन के दौरान, सप्ताह में छह दिन दोपहर का भोजन दिया जाता है। इस योजना के तहत दूध सप्ताह में तीन दिन दिया जाएगा। शहरी इलाकों में, गर्म दूध सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को और ग्रामीण क्षेत्रों में, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार या शहरी क्षेत्रों के समान प्रदान किया जाएगा। प्रार्थना सभा के बाद दूध वितरण किया जाना है।

स्कूली बच्चों को दूध पिलाने से पहले गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी। नियमानुसार दूध के प्रति 100 मिली में प्रोटीन-3.2 ग्राम, वसा तीन ग्राम, कार्बोहाइड्रेट 4.6 ग्राम होना आवश्यक है। दूध की गुणवत्ता की जांच लेक्टोमीटर से की जाएगी। बच्चों को दूध पिलाए जाने से पहले रोज एक अध्यापक, एक अभिभावक व स्कूल प्रबंधन समिति सदस्य द्वारा पोषाहार की भांति चखा जाएगा। दूध की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग के खाद्य सुरक्षा अधिकारी व सहकारी डेयरी के अधिकारियों से नियमित जांच करवाना जरूरी होगा।

राजस्थान अन्नपूर्णा दूध योजना  के लाभ

  • राजस्थान अन्नपूर्णा दूध योजना के तहत, सरकारी स्कूलों में –
  • कक्षा एक से पांच तक के बच्चों को 150 मिलीलीटर दूध दिया जाएगा।
  • कक्षा 6 से 8 के छात्रों को 200 एमएल स्कूलों में दूध प्रदान किया जाएगा।
  • मिडडेमील के भोजन के दौरान, सप्ताह में छह दिन दोपहर का भोजन दिया जाता है। इस योजना के तहत दूध सप्ताह में तीन दिन दिया जाएगा।
  • शहरी इलाकों में, गर्म दूध सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को और ग्रामीण क्षेत्रों में, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार या शहरी क्षेत्रों के समान प्रदान किया जाएगा।
  • इस योजना से बच्चों के नामांकन, उपस्थिति में वृद्धि, ड्रॉप आउट को रोकना व बच्चों के पोषण स्तर में वृद्धि करना है।

दुध की स्कुलों द्वारा खरीद

  • दूध की उपलब्धता शाला प्रबंधन समिति की ओर से होगी। पंचायत क्षेत्र में स्थित पंजीकृत महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों से दूध खरीदा जाएगा।
  • इसके बाद पंजीकृत दुग्ध उत्पादक समितियों व सरस डेयरी से दूध खरीद की प्राथमिकता रहेगी।
  • शहरी क्षेत्र में शाला प्रबंधन समिति उच्च गुणवत्तापूर्ण पाश्च्यूरीकृत टोंड मिल्क सरस डेयरी बूथ से खरीदेगी।

दोस्तों अन्नपूर्णा दूध योजना राजस्थान की सबसे अच्छी पहल है सरकार की यही सोच है कि इससे ज्यादा से ज्यादा एडमिशन स्कूल में होंगे और बच्चे आगे बढ़ सकेंगे!!!!!!!!!!!

राजस्थान अन्नपूर्णा दूध योजना से संबंधित अधिक जानकारी के लिए आप ऑफिशियल वेबसाइट पर क्लिक कर सकते हैं

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