देश के हर नागरिक और वर्ग  के लोग तरक्की करें इसके लिए सरकारें अक्सर बहुत सी योजनाएं चलाती रहती हैं। ऐसी ही एक योजना की शुरूआत की गई थी बाबा भीमराव अंबेडकर के जन्मदिवस के दिन यानी 14 अप्रैल 2018 में। इस योजना का नाम प्रधानमंत्री वन धन योजना(PM Van Dhan Yojana) है।

इस योजना के जरिए आदिवासी आय को बढ़ाना है और आदिवासी समजा को विकास का रास्ता दिखाना है। आज हम अपने इस लेख के माध्यम से आपको इस योजना से जुड़ी तमाम जानकारी देंगे। अगर आप वन धन योजना में आवेदन करना चाहते हैं या फिर योजना की संपूर्ण जानकारी हासिल करना चाहते हैं तो इसके लिए हमारे इस लेख पर अंत तक बने रहें।

क्या है वन धन योजना (PM Van Dhan Yojana)

जैसे की हम जानते ही हैं देश के कुछ वर्ग आज भी अपनी थोड़ी सी आमदनी करके गुजारा करते हैं, इन्ही में से एक वर्ग है आदिवासियों का, यह वर्ग अक्सर वनों में उगाई जाने वाली उत्पादों का उचित मुल्य हासिल नहीं कर पाते क्योंकि यह लोग इतने शिक्षित नही हैं। ऐसे में ना तो समूचे वनों में उगाई जाने वाली चीजों को ठीक से इस्तेमाल हो पात है और ना ही इन लोगों की आर्थिक स्थिति सुधरती है। इसलिए ही वन धन योजना का आगाज किया गया था।

योजना के अंतर्गत इन युवाओं को  इमली, महुआ भंडारण, कलौंजी की साफ सफाई, पैकेजिंग की ट्रेनिंग के अलावा इन उत्पादों से संबंधित सारी जानकारी और मार्केंटिंग सिखाई जाएगी। जिससे ना केवल यह लोग कुशल होंगे बल्कि इनकी आय में काफी बढ़ोतरी होगी।सरकार के इस कदम से आदिवासियों का विकास होगा, साथ ही सरकार को भी अतिरिक्त टैक्स प्राप्त होगा और वनों को पूरी तरह से उपयोग किया जा सकेगा।

Van Dhan Yojana  में बनाए जाएंगे समूह

इस योजना के तहत वन संपदा से समृद्ध जनजातिय जिलों में  वन धन विकास केंद्र जनजातीय समुदाय के जरिए संचालित किए जाएंगे। हर केंद्र 10 जनजातीय स्वयं सहायता का निर्माण करेगा तथा हर समूह में करीब 30 जनजातीय संग्रहकर्ता शामिल होंगे। इसके अलावा कोशन उन्नयन और क्षमता निर्माण प्रशिक्षण देने के साथ साथ प्राथमिक प्रंसस्करण और मूल्यवर्धन की सुविधा की स्थापना करेंगे। स्थानीय रूप में इन केंद्रों  का प्रबंधन प्रबंध समिति द्वारा किया जाएगा।

वन धन योजना के उद्देश्य

  • योजना के जरिए आदिवासी जनजाति समुदाय के जीवन यापन को  बेहतर बनाना है।
  • आदिवासी जनजाति के द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को बेहतर बनाना और उन्हे उनके उत्पादों का उचित मुल्य दिलाना। ताकि इनकी आय को बढ़ाया जा सके।
  • हर एक जिले में 300 जनजाति के लोगों के ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण किया जाए।  जिसके जरिए लोगों को ट्रेनिंग दी जाए और उन्हे आर्थिक रूप से मदद मुहैया की जा सके।
  • योजना के तहत हर जिले में 15 केंद्र स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक पंचायत में 20 लोगों का स्वयं सहायता समूह भी बनाया जाएगा।
  • बाजार में उत्पादो की कीमत में उतार चढ़ाव होता है तो TRIFED कृषि मंत्रालय से बात कर जनजाति लोगों के लिए मुआवजे की व्यवस्था करता है।
  • जनजाति के लोगो को उचित ट्रेनिंग देना ताकि इनकी कार्यक्षमता को बढ़ाया जा सके।
  • उत्पादों की सही कीमत तय करना और जनजाति के लोगो को आर्थिक सहायता प्रदान करना।

देश के इन क्षेत्रों में है आदिवासी

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक,  मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, ओडिशा, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, दादर और नगर हवेली, दमन और दीव, लक्षद्वीप और पुदुचेरी।

प्रधानमंत्री वन धन योजना (PMVDY) के लाभ

  • योजना में वन धन विकास केंद्र के जरिए जनजातीय वर्ग के युवाओं को  ईमली, महुआ, के फूल के भंडरण, कलौंजी की सफाई एंव अन्य माइनर फोरेस्ट उत्पाद जैसे शहद, ब्रशवुड, केन्टस, टसर और आदिवासी क्षेत्रों में पाई जाने वाली अनेक प्रकार की जड़ी बूटियों के रख-रखाव और मार्केटिंग की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।
  • इससे जनजातीय वर्ग के युवाओं की कार्य कुशलता बेहतर होगी।
  • योजना के जरिए आदिवासी क्षेत्र का विकास होगा एंव आदिवासी वर्ग की आय में बढ़ोतरी होगी।
  • आदिवासी जनजातीय वर्ग की कार्य क्षमता बेहतर होने  के कारण देश के विकास में बहुत मदद मिलेगी
  • वन क्षेत्र में रहने वाले आदिवासी के लिए, लघु उत्पादन उनकी जीवन यापन का एक मात्र जरिया है। इस योजना के तहत आदिवासियों को एमएफपी के संग्रह और मूल्य संवर्धन में आदिवासी समुदाय के प्रयासों के प्रति निष्पक्ष और पारिश्रमिक रिटर्न सुनिश्चित करके आजीविका बनाने और अन्य उत्पन्न करने का मौका मिलेगा।

Van Dhan Yojana रजिस्ट्रेशन,आवेदन प्रक्रिया व सम्पूर्ण जानकारी

वन धन योजना से जुड़ी अन्य किसी प्रकार की जानकारी हासिल करने के लिए, एंव आवेदन करने के लिए आप इसकी आधिकारिक साइट पर जाना होगा | http://trifed.in

यंहा जा कर आपको आवेदन की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी मिल जाएगी।

जरुरी

सम्बंधित प्रश्नोत्तर

क्या है वन धन योजना?

वन धन वन की संपदा यानी वन धन का दोहन करके आदिवासियों के लिए आजीविका सृजन को लक्षित करने वाली एक पहल है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्येक चरण में प्रौद्योगिकी और आईटी को जोड़ने और जनजातीय ज्ञान को एक व्यवहार्य आर्थिक गतिविधि में परिवर्तित करने के लिए प्रौद्योगिकी और आईटी को जोड़कर आदिवासियों के पारंपरिक ज्ञान और कौशल सेट में टैप करना है। इस पहल से एक वर्ष में लगभग 45 लाख आदिवासी एकत्रित लोगों को आजीविका मिलेगी |

इस योजना का संचालन कौन सी एजेंसी कर रही है?

इस स्कीम का संचालन Trifed द्वारा किया जा रहा है

इस योजना के तहत कितने वन धन केंद्र स्थापित किये जाएंगे?

शुरुवात में वन धन सेण्टर बनाये जाएंगे । उसके बाद अगर जरुरत हुए तो और भी खोले जा सकते हैं |

इस प्रोग्राम के माध्यम से किसको लाभ मिलेगा?

देशभर के समस्त आदिवासी इस योजना का लाभ ले सकते हैं |

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