मध्य प्रदेश भावांतर भुगतान योजना |पंजीयन|ऑनलाइन आवेदन


मध्य प्रदेश भावांतर भुगतान योजना|भावांतर भुगतान योजना|Bhavantar Bhugtan Yojana | Madhya Pradesh Bhavantar Bhugtan Yojana in HindiMadhya Pradesh Bhavantar Bhugtan Yojana application form|mp bhawantar bhugatan suchi

किसानों के आत्महत्या के मामलों की दर को प्रतिबंधित करने के लिए राज्य सरकार एक प्रमुख योजना मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना/भावांतर योजना के मॉडल रेट को तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के तहत, राज्य सरकार किसानों के बैंक खातों में बिक्री मूल्य (मंडियों में) और लाभकारी मूल्य के बीच अंतर का भुगतान करेगी|नगर की कृषि उपज मंडी से भावांतर भुगतान योजना/bhavantar panjiyan mp में उपज खरीदी कार्य की शुरुआत हुई। क्षेत्र के कि सान भी बड़ी संख्या में सोयाबीन और मक्का की उपज लेकर मंडी पहुंच रहे हैं। 

ई-उपार्जन के माध्यम से विगत 5 वर्षो में कुल 118.57 लाख किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए निशुल्क पंजीक्रत हुए,जिनमे से 64.35 लाख किसानो से 2415.62 लाख एम्. टी. अनाज खरीदा गया, जिसका रु. 69111 करोड़ का भुगतान किया गया|

भावांतर भुगतान योजना/bhavantar yojna me konse bank allow hai

नवीनतम जानकारी :

 किसान फसल बिक्री के लिए बैंक पास बुक, आधार कार्ड, टोकन और पंजीकरण  जनवरी की पर्ची फोटोकॉपी ली जाएगी। 

  • खरीफ की फसलों मे समर्थन मूल्य मे आने वाली फसलें  :-  धान, उड़द, तुअर और मूंग
  • खरीफ की फसलों मे भावांतर योजना मे शामिल फसलें :-  मक्का, सोयाबीन, ज्वार, बाजरा, मूंगफली, तिल और रामतिल

भवांतर योजना खरीफ किसान पंजीयन 2019

किसानो के लिए जरूरी खबर है।  अब प्याज को भावांतर योजना/bhavantar panjiyan mp के अंतर्गत ही खरीदा जाएगा। जानकारी के अनुसार प्याज की खरीदी प्रारम्भ हो रही है। किसानो से फसल बिक्री के लिए बैंक पास बुक, आधार कार्ड, टोकन और पंजीकरण की पर्ची फोटोकॉपी ली जाएगी। इसके अलावा चना, मसूर और सरसों आदि फसलों को एमएसपी (अधिकतम बिक्री मूल्य) पर खरीदेगी।

  • चने का एमएसपी 4400 रुपए लेकिन बाजार भाव 3200 और 3300 रुपए
  • मसूर का एमएसपी 4250 रुपए क्विंटल पर बाजार भाव 3000 से 3200 रुपए
  • सरसों का खरीदी मूल्य 4000 रुपए क्विंटल बाजार भाव 3500 रुपए

नोट :- 

मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के तहत खरीदे गए लहसुन-प्याज की प्रोत्साहन राशि 25 अगस्त को किसानों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के तहत लहसुन के पंजीकृत 83 हजार 182 किसानों तथा प्याज के 27 हजार 425 किसानों को प्रोत्साहन राशि प्रदान दी जाएगी। उक्त कृषकों को लहसुन के लिए 295 करोड़ 56 लाख 45 हजार तथा प्याज के लिए 86 करोड़ 3 लाख 74 हजार 690 रुपए की प्रोत्साहन राशि 25 अगस्त को उनके खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

प्याज एवं लहसुन का कृषकों को उचित मूल्य दिलाने के लिये वर्ष 2018-19 में प्याज एवं लहसुन को मुख्यमंत्री भावांतर योजना में शामिल किया गया था। योजना के तहत प्याज का 800 एवं लहसुन का 3200 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया। प्याज की औसत उत्पादकता 250 क्विंटल एवं लहसुन की उत्पादकता 75 क्विंटल प्रति हेक्टेयर मान्य की गई। 

प्याज 

जिला किसान राशि 

उज्जैन 10329 35 करोड़ 3 लाख 

देवास 3239 8 करोड़ 18 लाख 

शाजापुर 4079 9 करोड़ 90 लाख 

आगर मालवा 2138 7 करोड़ 18 लाख 

रतलाम 5933 22 करोड़ 16 लाख 

मंदसौर 1245 2 करोड़ 53 लाख 

नीमच 462 1 करोड़ 3 लाख 

लहसुन 

जिला किसान राशि 

उज्जैन 24857 80 करोड़ 72 लाख 

देवास 5370 17 करोड़ 54 लाख 

शाजापुर 3791 9 करोड़ 84 लाख 

आगर मालवा 5159 23 करोड़ 6 लाख 

रतलाम 18549 66 करोड़ 18 लाख 

मंदसौर 17107 72 करोड़ 66 लाख 

नीमच 8358 25 करोड़ 52 लाख 

खरीफ की फसल 2019 के समर्थन मूल्य सूची निम्नलिखित है। यह मूल्य जिलानुसार अलग हो सकते है। इस लिए मंडी समिति मे सुनिश्चित जरूर कर लीजिये।

  1. सोयाबीन – 3,399 रुपए प्रति क्विंटल (500 रु/ क्विंटल फ्लेट भावांतर मिलेगा)
  2. मक्का – 1,700 रुपए प्रति क्विंटल (500 रु/ क्विंटल फ्लेट भावांतर मिलेगा)
  3. धान – 1750 रुपए प्रति क्विंटल
  4. धान ग्रेड ए – 1770 रुपए प्रति क्विंटल
  5. ज्वार हाईब्रिड – 2430 रुपए प्रति क्विंटल
  6. ज्वार मालडंडी – 2450 रुपए प्रति क्विंटल
  7. बाजरा – 1950 रुपए प्रति क्विंटल
  8. अरहर – 5675 रुपए प्रति क्विंटल
  9. कपास मध्यम रेसा – 5150 रुपए प्रति क्विंटल (500 रु/ क्विंटल फ्लेट भावांतर मिलेगा)
  10. कपास लंबा रेसा – 5450 रुपए प्रति क्विंटल (500 रु/ क्विंटल फ्लेट भावांतर मिलेगा)
  11. तुअर – 5675 रुपए प्रति क्विंटल
  12. उड़द – 5,600 रुपए प्रति क्विंटल
  13. मूँग- 6,975 रुपए प्रति क्विंटल
  14. मूँगफली – 4,890 रुपए प्रति क्विंटल
  15. तिल – 5,675 रुपए प्रति क्विंटल
  16. रामतिल – 5,877 रुपए प्रति क्विंटल

नोट:- मक्का 28 क्विंटल/ हेक्टेयर, उड़द 7 क्विंटल/ हेक्टेयर, सोयाबीन 16 क्विंटल/ हेक्टेयर, मूंग 7 क्विंटल/ हेक्टेयर, मूंगफली 20 क्विंटल/ हेक्टेयर, तुअर 6 क्विंटल/ हेक्टेयर, और तिल 11 क्विंटल/ हेक्टेयर औसत उत्पादन से खरीदी जाएगी। 

रबी की फसल 2019 के समर्थन मूल्य सूची निम्नलिखित है।

  1. लहसुन – 3200 रुपए प्रति क्विंटल (अनुमानित)
  2. चना – 4,400 रुपए प्रति क्विंटल
  3. मसूर – 4,250 रुपए प्रति क्विंटल
  4. सरसों – 4,000 रुपए प्रति क्विंटल
  5. प्याज – 8 रुपए प्रति किलो (अनुमानित)
  6. तुअर मॉडल रेट = 3860 रु/ कुंतल (1 से 30 अप्रैल 2018 के लिए )
  7. गेहूं का समर्थन मूल्य =  2000 रुपए/ क्विंटल

मध्यप्रदेश में किसानों को उनकी कृषि उपज का उचित मूल्य दिलवाने के लिए पायलेट आधार पर खरीफ-2019 से मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना शुरू की गई है। योजना के माध्यम से खरीफ सीजन-2017 में सोयाबीन, मूंगफली, तिल, रामतिल, मक्का, तुअर, उड़द और मूंग फसल के लिए 12 लाख 38 हजार किसानों के बैंक खाते में 2000 करोड़ रुपए की भावांतर राशि जमा करवाई गई है। योजना में किसान द्वारा अधिसूचित कृषि उपज मंडी समिति के प्रांगण में फसल विक्रय करने पर मंडियों की मॉडल विक्रय दर के अंतर की राशि किसानों के बैंक खाते में जमा करवाने का स्पष्ट प्रावधान है। 

भावान्तर भुगतान योजना के अंतर्गत  फसल

सोयाबीनमूंगफली
तिलरामतिल
मक्कामूंग
उड़दतुअड़ दाल

आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक राज्य भर में 65 लाख किसानों की पहचान की गई है जो पूरे राज्य में तिलहन और दाल उत्पादों की खेती करते हैं और इस योजना के तहत नामांकन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त 2019 में सरकार इस योजना के तहत बागवानी फसलों जैसी और अधिक फसलों को शामिल कर सकती है।

 
मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना लाभ
  1. यह योजना सुनिश्चित करेगी कि किसानों को उनके उत्पाद के लाभकारी मूल्य मिले।
  2. समर्थन मूल्य और बिक्री की कीमत (मंडियों में) के बीच अंतर सीधे राज्य सरकार द्वारा किसानों के बैंक खातों में जमा किया जाएगा।
  3. फसल गिरदावरी मोबाइल ऐप किसानों और उनके उत्पादन के बारे में डेटा संकलित करेगा।
  4. फसल की लाभकारी कीमतों का सुझाव मध्य प्रदेश कृषि उत्पाद लागत और विपानन आयोगद्वारा किया जाएगा।
  5. यह योजना सुनिश्चित करेगी कि विस्थापन, जमीन की सीमा और उत्परिवर्तन से संबंधित मामलों को तीन महीने के भीतर संबोधित किया जाना चाहिए।
  6. हालांकि, अगर किसान दावा करते हैं कि तीन महीने के बाद उनका मामला अविवादित होने के बावजूद भी लंबित है, सरकार उस किसान को इनाम देगी और संबंधित कर्मचारी से इनाम की कटौती की जाएगी और कर्मचारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

नोट:- भावांतर योजना के बारे मे किसानों की समस्याओं का उत्तर देने के लिए सरकार ने राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम बनाया है, सभी किसान 0755-2550495 पर सुबह 7 से रात 11 बजे तक अपनी समस्या के बारे मे पूंछ सकते है।

भावांतर भुगतान योजना के लिए पात्रता

  1. आवेदनकर्ता मध्य प्रदेश का रहने वाला होना चाहिए |
  2. आवेदनकर्ता किसान होना चाहिए

भावांतर भुगतान योजना ऑनलाइन आवेदन 

  • अब यहां पर दिए गए लिंक पर क्लिक करें इसको किसान इस योजना के लिए पंजीकृत कर सकते हैं |
  • वह अपनी सदस्य आई डी या आधार संख्या का उपयोग कर सकते हैं |
  • अब यहां पर आवश्यक जानकारी को भरें|
  • पंजीकरण बटन पर क्लिक करें|

दोस्तों हम आपको यहां पर एक महत्वपूर्ण बात बता दें कि कोई भी किसान अपनी ID को नहीं जानता हो तो  अपनी ID खोजने के लिए यहां पर क्लिक करें

  • यदि आपका मोबाइल नंबर पोर्टल पर रजिस्टर है तो आप अपने मोबाइल नंबर से समग्र ID को सर्च कर सकते हैं|
  • अपने मोबाइल नंबर से अपनी समग्र आईडी जानने के लिए यहां पर क्लिक करें |
  • परिवार के किसी भी सदस्य के नाम से समग्र ID दी हुई है |
  • तो यहां पर सर्च करने के लिए क्लिक करें |

किसान कोड से पंजीयन संबधी जानकारी प्राप्त करे

किसान पंजीयन फॉर्म 2019 पीडीएफ में डाउनलोड करें

दोस्तों यदि mp makka panjiyan इस योजना से संबंधित आप कुछ भी पूछना चाहते हैं तो कमेंट करें मैं आपके प्रश्नों का जवाब दूंगी कृपया मेरे फेसबुक पेज को लाइक और शेयर करना ना भूलें

549 COMMENTS

  1. मुख्यमंत्री भावन्तर भुगतान योजना के अंतर्गत गैहू की बोनस की राशि कब तक आएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.