Mera Pani Meri Virasat Yojana Hariyana Apply, Online Application Form, Registration Complete Details in Hindi

हरियाणा राज्य में पानी की कमी के चलते सरकार ने एक विशेष प्रकार की योजना का आरंभ किया है।इस योजना के जरिए जो भी किसान उन फसलों की खेती करेंगे जिन में पानी की कम खपत होती है, उन्हे सरकारी की तरफ से आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। हरियाणा में चलाई जा रही इस योजना का नाम है, मेरा पानी मेरी विरासत योजना

। इस योजना में किसानों को उन चीजों की खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है जिनमें सिंचाई और बुवाई में पानी का इस्तेमाल कम से कम हो सके। इसके जरिए हरियाणा में गिरते पानी के स्तर को ठीक किया जाने का लक्ष्य लिया गया है। योजना में आवेदन भी स्वीकार कर दिया गया है। लिहाजा जो भी लोग इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, वह इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। Mera Pani Meri Virasat Yojana Haryana में जो लोग भी आवेदन करना चाहते हैं या इस योजना से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी हासिल करना चाहते हैं वह हमारे इस लेख पर अंत तक बने रहें।

क्या है हरियाणा की मेरा पानी मेरी विरासत योजना | Mera Pani Meri Virasat

दरअसल हरियाणा के बहुत से इलाके हैं, जिनमें अब जल स्तर तेजी से कम होने लगा है, वंही कुछ इलाके तो ऐसे भी हैं, जंहा जल स्तर 40मीटर से भी नीचे चला गया है। ऐसे में हरियाणा में पानी की कमी को देखते हुए यह योजना शुरू की गई है। इस योजना के जरिए उन सभी किसानों को बढ़ावा दिया जाएगा जो धान की खेती के अलावा कोई अन्य ऐसी फसल लगाएंगे, जिनमें पानी का इस्तेमाल कम से कम किया जाता हो। ऐसे किसानों को सरकार की तरफ से 7 हजार रूपए प्रति एकड़ प्रोत्साहन के रूप में दिया जाएगा।

आपको बात दें इस योजना का कामयाब बनाने के लिए सबसे पहले उन्ही इलाकों चिन्हित किया गया है,जिनमें धान की खेती ज्यादा होती है और पानी 40 मीटर से नीचे जा चुका है। योजना के पहले चरण में यूं तो 19 ब्लॉक को शामिल किया गया है, जंहा पानी 40 मीटर से भी नीचे गया है, लेकिन इनमें से भी 8 ब्लॉक ऐसे हैं जंहा धान की बुवाई अधिक मात्रा में की जाती है। इन 8 ब्लॉक में कैथल के सीवन और गुहला, सिरसा फतेहबाद में रतिय और कुरूक्षेत्र में शाहाबाद, इस्माइलाबाद, पिपली और बबैन शामिल हैं। इसके अलावा उन क्षेत्रों को भी धान की खेती की अनुमति नहीं होगी जिनके यंहा 50 हार्स पावर के ट्यूबल का इस्तेमाल किया जाता है।

Haryana Mera Pani Meri Virasat Yojana

योजना के उद्देश्य :

  • हरियाणा में बीते कई वर्षों से हर साल जल स्तर कम होता जा रहा है, ऐसे में आने वाली पिढ़ी को पानी की समस्या का सामना ना करना पड़े इसके जरूरी कदम उठाना
  • हरियाणा में ऐसे क्षेत्रों को कम करना हैं जंहा खेती के लिए अधिक पानी का इस्तेमाल किया जाता है।
  • योजना के जरिए स्थायी खेती को बढ़ावा देने के आलावा नई तकनीकों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।
  • योजना के माध्य में संसाधनो के सरंक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • धान-गेंहू चक्र के बुरे प्रभाव से बचाए रखना तथा सुक्ष्म तत्व मिट्टी में बनाए रखना।
  • धान-गेंहू चक्र की खेती से हटाकर किसान को अधिक लाभ देने वाली फसलों का विक्लप देना।

Mera Pani Meri Virasat Scheme : Key Points

  • किसानों को खेती में नुकसान ना हो और वह आसानी से धान की जगह अन्य फंसलों की खेती कर सकें इसके  लिए  आर्थिक सहायता प्रदान करना।
  • जोभी किसान धान के अलावा कम पानी की खपत वाली खेती करता है उन्हे 7000 रूपए प्रति एकड़ की राशि प्रोत्साहन के रूप में देना।
  • किसानों को धान को छोड़कर मक्का, अरहर मूंग, उड़द, तिल, कपास, सब्जी आदि की खेती करने का विक्लप दिया जाएगा।
  • जल्द ही इस योजना के प्रचार के लिए एक पोर्टल बनाया जाएगा। जिस पर जाकर किसान अपनी समस्या  के लिए आवाज भी उठा सकेंगे।
  • पहले चरण के लिए चिन्हित किए गए 19 ब्लॉक के अलावा अगर कोई अन्य ब्लॉक के किसान भी धान की खेती छोड़ना चाहेंगे तो वह भी इस योजना में आवेदन कर पाएंगे।
  • इससे भावी पीढ़ी के लिए पानी की उपलब्धता भी सुनिश्चित कर सकेंगे।

योजना के लाभ

  • योजना का लाभ हरियाणा राज्य का कोई भी किसान उठा सकता है।
  • योजना का आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकेगा।
  • धान की खेती ना करने पर लाभार्थी को सरकार की तरफ से 7000 रूपए प्रति एकड़ पर धनराशि दी जाएगी।
  • किसानों को धान के अलावा मक्का, अरहर, मूंग, उड़द, तिल, कपास, और सब्जी की खेती करनी होगी।

मेरा जल मेरी विरासत योजना की आवेदन प्रक्रिया | Apply Online (Registration) for Mera Pani Meri Virasat Scheme Haryana

  1. योजना में आवेदन करने के लिए सबसे पहले आपको इस योजना से जुड़ी आधिकारिक वेबासाइट पर जाना होगा। जिसका लिंक यह है http://117.240.196.237/
  2. लिंक पर क्लिक करते ही आप साइट के होम पेज पर पंहुच जाएंगे। यंहा आपको पंजीकरण कराने के लिए फसल विविधीकरण के लिए पंजीकरण करें के विक्लप पर क्लिक करना होगा।
  3. अब आपके सामने एक नया पेज  खुल जाएगा, जंहा आपको अपना आधान नंबर डालने के लिए कहा जाएगा।
  4. इसे दर्ज करने के बाद आपको अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी और बैंक खाते से जुड़ी तमाम जानकारियां भरनी होंगी।
  5. सारी जानकारी पूरी तरह भरने के बाद आपको फॉर्म सब्मिट करना होगा। इस तरह आपका पंजीकरण हो जाएगा।
  6. इसके बाद पंजीकरण में दी गई जानकरी की जांच की जाएगी और सब कुछ सही पाए जाने पर आपको योजना का लाभ मिल जाएगा।

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सम्बंधित प्रश्नोत्तर

इस योजना का लाभ कौन से किसानों को मिलेगा?

इस योजना के तहत जिस किसान ने अपनी कुल जमीन के 50 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्र पर धान के बजाय मक्का/ कपास/बाजरा / दलहन / सब्जीयां इत्यादि फसल उगाई है तो उसको 7,000/- रूपये प्रति एकड़ की दर से राशि प्रदान की जाएगी। परन्तु यह राशि उन्ही किसानो को ही दी जाएगी जिन्होने गतवर्ष (खरीफ 2019-20) के धान के क्षेत्रफल में से 50 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्र में फसल विविधीकरण अपनाया है।

मेरा पानी मेरी विरासत योजना से किसानों को और क्या लाभ मिलेगा ?

उपरोक्त राशि 7,000/- रूपये प्रति एकड़ के अतिरिक्त जिन किसानो ने धान के बजाय फलदार पौधो तथा सब्जीयों की खेती से फसल विविधीकरण अपनाया है उनको बागवानी विभाग द्वारा चालित परियोजनाओं के प्रावधान के अनुसार अनुदान राशि अलग से दी जाएगी।

Mera Pani Meri Virasat Scheme हरियाणा का उद्देश्य क्या है?

हरियाणा में अधिक पानी की मांग वाली फसलो के क्षेत्र को कम करना। स्थायी खेती के लिए वैकल्पिक फसलो को बढावा देना तथा नवीनतम तकनीको की प्रेरणा देना।संसाधनों के संरक्षण को बढावा देना। भू-जल स्तर को बनाए रखना,इस योजना के कुछ प्रमुख उद्देश्य हैं

क्या मेरी फसल मेरी विरासत स्कीम के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होगा?

जी ! किसानों का ऑनलाइन पंजीकरण करना जरुरी है। दी गई जानकारी से आप पंजीकरण कर पाएंगे