कुसुम योजना |ऑनलाइन आवेदन,एप्लीकेशन फॉर्म | PM Kusum Yojana, Apply, Form, Online Registration 2020


कुसुम योजना| कुसुम योजना ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म|कुसुम योजना पंप वितरण स्कीम|Kusum Yojana in Hindi|किसान ऊर्जा उत्थान सुरक्षा महा अभियान|KUSUM (Kisan Urja Suraksha Utthaan Maha Abhiyaan |

अपडेट :  बजट 2020-21 में कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) के तहत बीस लाख किसानों की सोलर पंप सेट देने के बात कही गई है

प्यारे दोस्तों जय जैसा कि आप सभी जानते हैं हम आपको हर बार नई सरकारी योजना के बारे में जानकारी देते हैं ताकि आप सभी सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सके आज हम आपके लिए एक और सरकारी योजना लेकर आए हैं जिसका नाम है कुसुम योजना!

यह योजना किसानों के लिए बनाई गई है |अब आप सोच रहे होंगे कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) किस प्रकार की योजना है ?हम आपको बताना चाहते हैं योजना के अंतर्गत जो भी किसान भाई सिंचाई के लिए पंपो का इस्तेमाल करते हैं उन पंपों को अब सौर ऊर्जा वाले पंप बनाया जाएगा| ध्यान रहे कुसुम योजना केवल सौर ऊर्जा कृषि पम्पों तक ही सीमित नहीं है । इस योजना के ३ कॉम्पोनेन्ट हैं ,

  • Kusum Yojana Component A
  • Kusum Yojana Component B
  • Kusum Yojana Component C

इन तीनों कॉम्पोनेन्ट के काम लेख में आगे बताये गए हैं

क्या है कुसुम योजना 2020 UPDATE

देश के किसानो को सिंचाई में आने वाली समस्या को दूर करने और उन्हे आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए ही कुसुम योजना की शुरूआत की गई थी। इस योजना के जरिए देश में किसानों को सिंचाई में किसी तरही की समस्या ना आए इसके लिए खेतों में सौर पंपों को लगाने का काम शुरू किया गय था। इस योजना के अंतर्गत 3 करोड़ से अधिक डीजल और बिजली से चलने वाले पंपों को 2022 तक सौर पंपों में बदलने का काम किय जाना है। इसके लिए ही आवेदन बहुत पहले ही शुरू कर दिए गए हैं। इस योजना के माध्यम से किसान ना केवल सिंचाई का काम आसानी से कर पाएंगे। सौर ऊर्जा से बनने वाली बिजली को बचे भी पाएंगे। इससे उनकी आर्थिक स्थित बेहतर होगी साथ ही सिंचाई न हो पाने की वजह से फसल भी खराब नहीं होगी।

किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महाअभियान (कुसुम)। योजना के तहत 2022 तक देश में तीन करोड़ पंपों को बिजली या डीजल की जगह सौर ऊर्जा से चलाया जाएगा।

 

कुसुम योजना | PM Kusum Yojana

आईये जानते हैं कुसुम योजना के हर कॉम्पोनेन्ट की जानकारी

कॉम्पोनेन्ट A (Component A) – इस घटक के तहत, 500 मेगावाट से 2 मेगावाट क्षमता वाले अक्षय ऊर्जा आधारित बिजली संयंत्रों (आरईपीपी) को अलग-अलग किसानों / किसानों / सहकारी समितियों / पंचायतों / किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) / जल उपयोगकर्ता संघों (डब्ल्यूडब्ल्यूए) द्वारा बंजर / पर स्थापित किया जाएगा। परती भूमि। ये बिजली संयंत्र स्टिल्ट्स पर खेती योग्य भूमि पर भी स्थापित किए जा सकते हैं जहां फसलें सौर पैनलों के नीचे भी उगाई जा सकती हैं। उप-पारेषण लाइनों की उच्च लागत से बचने और पारेषण हानियों को कम करने के लिए उप-स्टेशनों के पाँच किमी के दायरे में नवीकरणीय ऊर्जा शक्ति परियोजना स्थापित की जाएगी। पहले से तय टैरिफ पर स्थानीय डिस्कॉम द्वारा खरीदी गई बिजली खरीदी जाएगी।

कॉम्पोनेन्ट B (Component B) – इस घटक के तहत, ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में मौजूदा डीजल कृषि पंपों / सिंचाई प्रणालियों के प्रतिस्थापन के लिए 7.5 एचपी तक की क्षमता के स्टैंडअलोन सौर कृषि पंप स्थापित करने के लिए व्यक्तिगत किसानों का समर्थन किया जाएगा, जहां ग्रिड की आपूर्ति उपलब्ध नहीं है। 7.5 एचपी से अधिक क्षमता के पंप भी लगाए जा सकते हैं, हालांकि, वित्तीय सहायता 7.5 एचपी क्षमता तक सीमित होगी।

कॉम्पोनेन्ट C (Component C) – इस घटक के तहत, ग्रिड से जुड़े कृषि पंप वाले व्यक्तिगत किसानों को सोलराइज पंपों का समर्थन किया जाएगा। किसान सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए उत्पन्न सौर ऊर्जा का उपयोग करने में सक्षम होगा और अतिरिक्त सौर ऊर्जा को पूर्व निर्धारित टैरिफ पर DISCOM को बेचा जाएगा।

Kusum Yojana के तहत केंद्र और राज्य सरकारों से मिलने वाली सहायता :

Component A : अधिप्राप्ति आधारित प्रोत्साहन (PBI) @ 40 पैसे / kWh या रु। 6.60 लाख / मेगावाट / वर्ष, जो भी कम हो, किसानों / डेवलपर्स से बिजली खरीदने के लिए MNRE से DISCOMs को पहले पांच वर्षों के लिए प्रदान किया जाएगा।

Component B&C : बेंचमार्क लागत या निविदा लागत का 30% का सीएफए, जो भी कम हो। राज्य सरकार की सब्सिडी 30%; किसान द्वारा 40% शेष। उत्तर पूर्वी राज्यों में, सिक्किम, J & K, हिमाचल, उत्तराखंड, लक्षद्वीप और A & N द्वीप समूह, 50% का CFA, राज्य सरकार सब्सिडी 30%, किसान द्वारा 20% शेष।

दोस्तों अब आप सोच रहे होंगे कुसुम योजना  के अंतर्गत पंपो का वितरण कैसे होगा?इस योजना के लाभ क्या होंगे तथा इसके लिए पात्र कौन से किसान होंगे ?हम आपको इसकी पूरी जानकारी देंगे |कृपया हमारे आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें |

  • इस योजना के पहले चरण में डीजल से चल रहे 17.5 लाख सिंचाई पंपों को सौर ऊर्जा से चलाया जाएगा|
  • यह योजना किसानों को दोहरा लाभ देगी|
  • मुफ्त में सिंचाई के लिए बिजली मिलने के अलावा किसान अतिरिक्त बिजली बना कर ग्रिड को भेजेंगे तो उसकी भी कीमत किसानों को मिलेगी|
  • इस योजना से 28 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन  होगा|

17.5 लाख डीजल पंप एवं 3 करोड़ खेती उपयोगी पम्पस को आने वाले 10 वर्षो में सोलर पम्पस में परिवर्तित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कुसुम एक लंबी अवधि की महत्वाकांक्षी योजना है, लक्ष्य सोलर पंप और सोलर उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए प्रारंभिक बजट 50 हजार करोड़ रुपयों का आवंटन किया गया है।

KUSUM YOJANA 2020

कुसुम योजना के तहत अन्य बातोँ के अलावा किसानों को अतिरिक्त आय प्रदान की जाएगी, इसके तहत किसानों को अपनी बंजर भूमि पर सौरऊर्जा परियोजना लगाने के उपरान्त उन्हें अतिरिक्त बिजली ग्रिड को बेचने का विकल्प दिया जाएगा|

कुसुम योजना का उद्देश्य | Kusum Yojana Objectives

  • इस योजना का पूरा नाम किसान ऊर्जा सुरक्षा व उत्थान महाअभियान (कुसुम) है|
  • कुसुम योजना के तहत देश के कृषि पंपों को सौर ऊर्जा से चलाया जाएगा | साथ की साथ इस योजना में सोलर ग्रिड भी लगाए जाएंगे
  • किसानों को कुल लागत का सिर्फ 10 फीसद ही देना होगा|
  • वहीं करीब 45 हजार करोड़ रुपये का इंतजाम बैंक ऋण से किया जाएगा|
  • 2022 तक देश में तीन करोड़ पंपों को बिजली या डीजल की जगह सौर ऊर्जा से चलाने का लक्ष्य रखा गया है|
  • इस योजना के पहले चरण में डीजल से चल रहे 17.5 लाख सिंचाई पंपों को सौर ऊर्जा से चलाया जाएगा|
  • यह योजना किसानों को दोहरा लाभ देगी|
  • मुफ्त में सिंचाई के लिए बिजली मिलने के अलावा किसान अतिरिक्त बिजली बना कर ग्रिड को भेजेंगे तो उसकी भी कीमत किसानों को मिलेगी|
  • इस योजना से  28 हजार मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन  होगा|

कुसुम योजना के लाभ

  • किसान भाइयों को कुसुम योजना से बहुत लाभ होगा |उनकी बिजली की बचत होगी |
  • अब खेतों को सिंचाई करने वाले पंप सौर ऊर्जा से चलेंगे किसानों की खेती में बढ़ावा होगा |
  • अब गरीब किसान भी सिंचाई करते अपने खेतों में अच्छी फसल पैदा कर सकेंगे|
  • इससे डीजल की खपत कम होगी।
  • यह योजना किसानों को दो तरह से फायदा पहुंचाएगी। 
  • एक तो उन्हें मुफ्त में सिंचाई के लिए बिजली मिलेगी|
  • इस योजना से  मेगावाट अतिरिक्त बिजली का उत्पादन  होगा|

कुसुम योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन,रजिस्ट्रेशन फॉर्म | PM Kusum Yojana 2020 Apply Online

हाल ही में विभाग ने कुसुम योजना की गाइडलाइन्स जारी कर दी हैं जिसमे योजना की सम्पूर्ण जानकारी और आवेदन के बारे में विस्तार से बताया है | अगर कोई भी किसान भाई कुसुम योजना का लाभ लेना चाहता है तो उसे यह नोटिफिकेशन अवश्य पढ़नी चाहिए | ये नोटिफिकेशन pdf फॉर्मेट में नीचे डाउनलोड करने के लिए उपलब्ध है|

कुसुम योजना 2020 के सबसे नए अपडेट

कुसुम योजना आज कल बहुत सुर्खियों में चल रही है। इस योजना का लेकर बहुत से दावे किए जा रहे हैं, वंही कुछ खबरे भी चलाई जा रही है, जिसे देखते हुए हमने सोचा की आपके लिए इस योनजा से जुड़े तमाम नए अपडेट लेकर आए हैं। हाल के दिनों में इस कुसुम योजना से जुड़ी तीन अपडेट आए हैं हम आपको बताएंगे कि इसके पीछे कितना कुछ सच है और कितना नहीं। इसमे सबसे पहला यह है कि कुसुम योजना उतना कारगर साबित नहीं हो रही, दूसरा अपडेट है कुसुम योजना से जुड़ी साइट को लेकर है, वंही तीसरा अपडेट यह बताता है कि इस कुसुम योजना को लेकर सोलर पंप के आवेदनों को स्वीकार कर लिया गया है।

पहला अपडेट है राजस्थान से

जंहा यह बताया जा रहा है कि कुसुम योजना इतनी कारगर साबित नहीं हो रही लेकिन यह हम या कोई और नहीं बल्कि इस योजना से जुड़े आंकड़े बता रहे हैं। आपको बता दें इस योजना के पहले चरण में 37 हजार 500 किसानों को लाभ पंहुचाया जाना था। लेकिन इसमें आवेदन फॉर्म ही 5,976 जमा किए गए थे। जिसकी वजह से योजना में आवेदन की आखिरी तारिख को 15 जनवरी तक बढ़ा दिया गया था। लेकिन तब से लेकर अब तक यह पता नहीं चल पाया है कि इस योजना में कुल कितने आवेदन आए हैं। लिहाजा यह कहना की कुसुम योजना इतनी कारगर साबित हो रही यह कहना गलत होगा।

ऐसा माना जा सकता है कि योजना का संचालन करने वाले विभाग द्वारा उतनी बेहतर तरीके से काम नहीं किया जा रहा। वह भी इसलिए क्योंकि आवेदन उतने नहीं आए जितनो का लक्ष्य तय किया गया था। वंही इसके अलावा दर्ज किए गए 5,976 आवेदनों में से भी सभी सही हों यह भी कहना मुश्किल है। लिहाजा योजना पर काम किया जा रहा है और इसे कारगर बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

 कुसुम योजना दूसरा अपडेट 

धनबाद में इस योजना के 170 आवेदको के फॉर्म्स को स्वीकार लिया गया है यंहा के डिसी द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर अब तक बलियापुर के 32, गोविंदपरु, टुंडी तथा तोपचांची के 35-35, पूर्वी टुंडी के 11 कलियासोल 15 एंव बाघमारा के साथ किसानों के आवेदनों की स्वीकृती देदी गई है। डीसी अमित कुमार ने इन फॉर्म्स की स्वीकृती पर बतााय कि इन 170 लोगों को सोलर पंप दिए जाएंगे, उन्होंने आगे कहा कि योजना से किसानों को अनुदान पर सोलर पंप दिए जाएंगे। डीसी अमित कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की महात्वकांक्षी योजना नीलाम्बर-पीतांबर जल समृद्धि योजना के कार्यन्वयन की दिश में यह प्रभावकारी साबित होगा।

KUSUM YOJANA का तीसरा अपडेट

हाल ही में नवीन और नवीकरण ऊर्ज मंत्रालय को पता चला है कि देशभर में ऐसी बहुत सी वेबसाइट हैं जो कुसुम योजना के आधिकारिक पोर्टल होने का दावा कर रही हैं। वंही ऐसे बहुत से लोग हैं जो इन पोर्टल पर अपना पंजीकरण करा चुके हैं और अब भी करा रहे हैं। यह फर्जी वेबसाइट लोगों के इस डाटा का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं,  इसी को लेकर एमएनआरई लोगों को जागरूक कर रही है ताकि लोग इन साइट पर जा कर अपना पंजीकर ना कराएं और इनके झांसे में बिलकुल ना आए।

इससे पहले बीते साल भी फर्जी वेबसाइट के मामले सामने आए थे जिसके चलते 18 मार्च 2019 में एमएनआरई ने एडवाइजरी जारी कर लोगों  को सावदधान रहने के निर्देश दिए थे

Kusum Yojana PDF Notification

यहाँ से फाइल डाउनलोड करें

PM Kusum Yojana क्या है?

कुसुम योजना भारत सरकार की एक किसानों को समर्पित योजना है । इस योजना के तहत किसानों को सोलर पंप मुहैया करवाए जाएंगे जिनका खेती में बहुत लाभ होगा|

इस स्कीम से किसानों को क्या अतिरिक्त लाभ होगा?

सोलर पंप से प्राप्त होने वाली अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचा जा सकता है जिससे किसानों की अतिरिक्त आय होगी|

कुसुम योजना की नई अपडेट या खबर क्या है?

इस बार के बजट के में भी कुसुम योजना का जिक्र किया गया है । कहा गया है के २० लाख सोलर ऊर्जा से चलने वाले पंप किसानों को दिए जाएंगे