शहीद ग्राम विकास योजना| शहीद ग्राम विकास योजना झारखंड|Shaheed Gram Vikas Yojana in Hindi

प्यारे झारखंड वासियों अब आप सभी के लिए खुशखबरी का मौका है झारखंड सरकार लेकर आई है नई योजना जिसका नाम है शहीद ग्राम विकास योजना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है जो भी हमारे देश के लिए शहीद हुए हैं उनके नामों को उनके घरों को विकसित करना ताकि उनके जाने के बाद उनके घर वालों को कोई भी तकलीफ ना हो और उनके लिए रहने के लिए छत मिले यही झारखंड सरकार की योजना है इस योजना के द्वारा शहीदों के गांव विकसित होंगे तथा वह तरक्की करेंगे|

शहीद ग्राम विकास योजना

  • शहीदों के घरों में 2.63 लाख की लागत से निर्माण किया जाएगा। इसका लाभ उन लोगों के लिए उपलब्ध होगा जो कच्चे घरों में रहते हैं|
  • कई आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के गांवों को विकसित किया जाएगा और उनके निवासियों को बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।
    136 पक्के घरों का निर्माण किया जाएगा। बाएं विंग अतिवाद के कारण इस क्षेत्र में विकास सुस्त था।
  • कल्याण विभाग के अनुसार वे गांव में जो नए घरों का निर्माण करेंगे वो दो कमरे, एक बरामदा, बाथरूम और शौचालय के साथ घर उपलब्ध कराएंगे ।
  • घरों के निर्माण के लिए welfare department जरुरत मंदों के लिए खुद ही निर्माण प्रक्रिया शुरू करेगा।
  • इस योजना के अंतर्गत शहीदो के 19 गावों को विकसित किया जाएगा।
    इन गांवों में आवास का निर्माण 2.63लाख रुपये की दर से किया जाएगा।
  • इसका लाभ एससी व एसटी के वैसे परिवारों को मिलेगा जो कच्चे आवास में रहते हैं।
    इस योजना का लाभ तभी मिलेगा यदि पिछले पांच वर्षां में सरकार के किसी भी आवासीय योजना के तहत लाभान्वित नहीं हुए है।

शहीद ग्राम विकास योजना उद्देश्य

  • 17 सितंबर, 2017 को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने झारखंड के खूंटी जिले के अमर शहीद बिरसा मुंडा के गांव ‘उलिहातू’ में शहीद ग्राम विकास योजना का शुभारंभ किया।
  • इस योजना का उद्देश्य शहीदों के गांवों को विकसित करना है जिसमें पक्के मकान, शौचालय, नालियां, शुद्ध पेयजल, शिक्षा आंगनबाड़ी, विद्युत आदि का विकास किया जायेगा।
  • केंद्र सरकार की इस योजना में 2.63 लाख रुपये की लागत से कच्चे घरों में रहने वाले लोगों के लिए पक्के मकान बनाये जायेंगे।
  • इस योजना में अमर शहीद बिरसा मुंडा, वीर बुद्धू भगत, सिद्धो-कान्हू मुर्मू और चांद भैरव, नीलाम्बर-पीताम्बर आदि शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों के गांवों को शामिल किया गया है।

दोस्तों यदि आप इस योजना से संबंधित कुछ भी पूछना चाहते हैं तो कमेंट करें मैं आपके प्रश्नों का जवाब जरुर दूंगा कृपया मेरे फेसबुक पेज को लाइक और शेयर करें