[ई-नाम] राष्ट्रीय कृषि बाज़ार योजना|रजिस्ट्रेशन|e NAM|


राष्ट्रीय कृषि बाजार स्कीम|ई-नाम योजना|राष्ट्रीय कृषि बाजार क्या है|ई-नाम योजना|ई मंडी योजना|e mandi|राष्ट्रीय कृषि बाजार पोर्टल

प्यारे दोस्तों आपको हम अपनी वेबसाइट में सरकारी योजनाओं की जानकारियां प्रदान करते हैं | आप सभी सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें |आज हम आपको एक और सरकारी योजना से अवगत करवाने जा रहे हैं |जिस योजना का नाम है राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना जिसको हम ई-नाम योजना भी बोलते हैं|

आप सभी सोच रहे होंगे राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना किस प्रकार की योजना है इससे क्या लाभ होगा ?हम आपको बता दें ई-नाम योजना किसानों के लिए बनाई गई है|राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) एक पैन-इंडिया इलेक्ट्रॉनिक व्यापार पोर्टल है जो कृषि से संबंधित उपजो के लिए एक एकीकृत राष्ट्रीय बाजार का निर्माण करने के लिए मौजूदा ए.पी.एम.सी मंडी का एक प्रसार है।

ई-नाम के उद्देश्य

  • विनियमित बाजार में पारदर्शी विक्रय सुविधा और मूल्य की खोज के लिए राष्ट्रीय ई-बाजार मंच  है।
  • अपनी राज्य कृषि विपणन बोर्ड/ए.पी.एम.सी के द्वारा ई-व्यापार के विज्ञापन के लिए इच्छुक राज्य अपनी ए.पी.एम.सी अधिनियम में तदनुसार उपयुक्त प्रावधानों को पूरा करते हैं।
  • बाजार यार्ड में भौतिक उपस्थिति या दुकान / परिसर के कब्जे के किसी पूर्व शर्त के बिना राज्य के अधिकारियों द्वारा व्यापारियों / खरीदारों और कमीशन एजेंटों की लिबरल लाइसेंस।
  • व्यापारी का एक लाइसेंस राज्य भर के सभी बाजारों में मान्य रहेगा।
  • कृषि उपज की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और खरीददारों द्वारा सूचित बोली सक्षम करने के लिए प्रत्येक बाजार में परख करने की क्रिया के लिए (गुणवत्ता परीक्षण) मूलभूत सुविधाओ का प्रावधान।
  • सामान्य व्यापार के लिए गुणवतियो को अब तक 90 उपजों के लिए विकसित किया गया है।
  • बाजार शुल्क एकत्र करने के एक स्तर, अर्थात् किसान के पहले थोक खरीद पर।
  • आने वाले किसानों की सुविधा के लिए मंडी में ही इस सुविधा का उपयोग करने के लिए चयनित मंडी में/ या नजदीक मिट्टी परीक्षण प्रयोगशालाओं का प्रावधान।
  • सुश्री नागार्जुन फर्टलाइजर्स और केमिकल्स लिमिटेड रणनीतिक साथी (एस.पी) है, जो विकास, परिचालन और मंच का रखरखान करने के लिए जिम्मेदार है।
  • रणनीतिक साथी की मुख्य भूमिका बहुत ही व्यापक है और इसमें सॉफ्टवेयर बनाना, ई-नाम के साथ एकीकृत होने के इच्छुक राज्यों में मंडियों की विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इसे अनुकूल बनाना और मंच पर चलाना शामिल है।

राष्ट्रीय कृषि बाज़ार योजना लाभ

  • ई-नाम एक समांतर मार्केटिंग संरचना नहीं है बल्कि भौतिक मंडियों के राष्ट्रीय नेटवर्क का निर्माण करने वाला एक ऐसा उपाय है जो ऑनलाइन पहुंचा जा सकता हे ।
  • यह ऑनलाइन व्यापारिक पोर्टल के माध्यम से मंडी की भौतिक अवसंरचना का लाभ उठाने की कोशिश करता है, जो स्थानीय स्तर पर व्यापार में भाग लेने के लिए राज्य के बाहर भी स्थित खरीददारों को सक्षम बनाता है।
  • कृषि उपजो के लिए सामान्य राष्ट्रीय बाजार के उद्भव को मुहैया कराने के लिए के लिए ई-नाम का निर्माण करना आवश्यक है। वर्तमान ए.पी.एम.सी विनियमित बाजार यार्ड पहले विक्रय स्थल (अर्थात् जब किसान उपज को फसल की कटाई के बाद बेचने के लिए लाते हैं) से लिये जानेवाले कृषि से संबंधित सामग्रियों के व्यापार को तालुका/तहसील या ज्यादा से ज्यादा जिला स्तर के स्थानीय मंडी तक ही सीमित करता है।
  •  एक राज्य के लिए एक ही एकीकृत कृषि बाजार नहीं होता है और उसी राज्य के भीतर किसी एक बाजार क्षेत्र से किसी दूसरे बाजार क्षेत्र में जाने वाली उपज पर लेन-देन शुल्क भी लगता है। एक ही राज्य के विभिन्न बाजारों में व्यापार के लिए एकाधिक लाइसेंस आवश्यक हैं। ये सभी कृषि अर्थव्यवस्था को अत्यधिक सस्ता और बहुत अधिक महंगा बनाने का कार्य करते हैं,|
  • जो बड़े पैमाने की अर्थव्यवस्थाओं और जिला एवं राज्य की सीमाओं के पार कृषि उत्पादों की मूल गति को रोकते हैं।
  • ई-नाम बाजारों के विखंडन की इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर पूर्णतया बदलना चाहता है, जिसके परिणामस्वरूप अंतिम उपभोक्ता के लिए वित्तीय मध्यस्थता का खर्च, व्यर्थ व्यय और मूल्य कम कम हो सके।
  • इसका निर्माण स्थानीय मंडी की सामर्थ्य पर होता है तथा यह अपनी उपज को राष्ट्रीय स्तर पर पेश करने की अनुमति देता है।
  • सेब, आलू प्याज, हरा मटर, महूआ का फूल, अरहर साबूत, मूंग साबूत, मसूर साबूत (मसूर), उड़द साबूत, गेहूँ, मक्का, चना साबूत, बाजरा, जौ, ज्वार, धान, अरंडी का बीच, सरसों का बीज, सोया बीन, मूंगफली, कपास, जीरा, लाल मिर्च और हल्दी के प्रायोगिक व्यापार की शुरुआत 14 अप्रैल 2016 को 8 राज्यों के 21 मंडियों में की गई है।
  • हरियाणा की अन्य 02 मंडियों अंबाला और शाहबाद को 1 जून 2016 को ई-नाम पर डाला गया। इस आधार पर, 31 अक्टूबर 2017 तक देश की पहली 470 मंडियों को ई-नाम के साथ एकीकृत किया जाएगा।

संपर्क करें

  • लघु कृषक कृषि व्यापार संघ
  • मुख्य कार्यालय: 
    एन.सी.यू.आई. ऑडिटोरियम बिल्डिंग, 5थ फ्लोर, 3, सीरी इंस्टिट्यूशनल एरिया, 
    अगस्त क्रांति मार्ग, हौज खास, न्यू डेल्ही – 110016. 
    (T) 1800 270 0224 
    (F) +91-11- 26862367 
    (E) nam[at]sfac[dot]in

राष्ट्रीय कृषि योजना के लिए जरूरी कागजात

किसान भाइयों जब भी आप रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरने लगेंगे यह कुछ जरूरी कागजात चाहिए होंगे जो हम आपको बता रहे हैं|

  • पासपोर्ट साइज फोटो
  • एड्रेस प्रूफ
  • बैंक अकाउंट नंबर
  • पासबुक की फोटो कॉपी

राष्ट्रीय कृषि बाजार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

  • किसान भाई को यहां पर दिए गए वेबसाइट पर क्लिक करना होगा|
  • वेबसाइट पर क्लिक करने के बाद आपके पास इस तरह का पेज खुल जाएगा |

  • अब आप इस पेज पर दिए गए रजिस्ट्रेशन फॉर्म पर क्लिक करें |
  • रजिस्ट्रेशन फॉर्म पर क्लिक करने के बाद आपके सामने PAGE आ जाएगा|

  • इस  FORM में जो भी इंफॉर्मेशन पूछी गई है |
  • उस को ध्यानपूर्वक भरें |
  • सबमिट बटन पर क्लिक करें|

click  here: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दोस्तों यदि आप राष्ट्रीय कृषि बाजार योजना कोई भी प्रश्न पूछना चाहते हैं तो आप हमें कमेंट कीजिए| हम आपके प्रश्नों का जवाब जरुर देंगे क्या हमारे इस Facebook पेज को लाइक और शेयर करना ना भूले|