बिहार ग्राम पंचायत चुनाव 2021 | मुखिया/सरपंच चुनाव कब होगा (Date), चुनाव चिन्ह, आरक्षण सूची, Voter List

2021 में बिहार में ग्राम पंचायत इलेक्शन होना है और हाल ही में पंचायत चुनाव से पूर्व बिहार निर्वाचन आयोग ने नई गाइड लाइन जारी किया है, यह गाइड लाइन 101 पन्ने का है और उसमें एक एक चीजो को अच्छे से स्पष्ट उल्लेख किया गया है। अगर आप मुखिया या फिर पंचायत के किसी भी पद के लिए नामांकन करने जा रहे है तब आपको कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना होगा, तो आइए हम बिहार पंचायत चुनाव 2021 से जुड़ी कुछ बातों पर विचार करते है।

यह भी जान लें >> बिहार में मुखिया सहित त्रिस्तरीय पंचायती राज चुनाव का मामला राज्य निर्वाचन आयोग और केंद्रीय निर्वाचन आयोग के बीच ईवीएम के फेज 2 और फेज 3 के इस्तेमाल पर अटका है. इस सम्बन्ध में जैसे की कोई पॉजिटिव फैसला आएगा चुनाव प्रक्रिया प्रारम्भ हो जायेगी |

Bihar Gram Panchayat Chunav Latest News

  • निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों को पंचायत चुनाव के विभिन्न पदों की सूची को डिजिटाइज करने के आदेश दिए
  • हाल ही में (8 April 2021 को) दिए गए ब्यान में पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा की चुनाव की तैयारियां पूरी तरह से संपन्न हैं, चुनाव आयोग का इशारा होते की पंचायत चुनावों की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी |

बिहार ग्राम पंचायत चुनाव

वैसे तो आप सभी जानते है घर को चलाने के लिए एक मुखिया की जरूरत होती है, वह घर के सभी काम व व्यवस्था पर अपनी बारीकी से नजर रखता है, वैसे ही गाँव मे जो मुखिया होता है उसे गाँव का सरपँच कहते है जिसे गाँव की जनता द्वारा 5 साल के लिए निर्वाचन के माध्यम से चुना जाता है| गांव के सतत विकास के लिए सरपंच का चुनाव प्रत्यक्ष रूप से होता है जनता द्वारा चुना हुआ सरपंच गाँव के विकास के लिए सड़क, स्कूल, समुदायिक भवन, मुक्तिधाम, सौंदर्यकरण, साफ- सफाई की व्यवस्था, पानी की व्यवस्था आदि पर सरपंच की नजर होती है जिसे गाँव के लोगो को तकलीफ न हो। हाल ही में चुनाव पूर्व गाइड लाइन जारी हुआ है अभी किसी तरह का डेट फिक्स नही हुआ है लेकिन अप्रैल – मई में चुनाव होने की संभावना नजर आ रही है, बिहार में 38 जिले है, बिहार सर्वाधिक जनसंख्या वाले भारत के राज्य में से एक है यहाँ 8407 ग्राम पंचायत है वही गाँव की संख्या करीब 45103 है जो राजस्व विभाग में शामिल गाँव है।

बिहार पंचायत चुनाव 2021 की तारीख क्या है | Bihar Panchayat Election Kab Honge

चुनाव के पूर्व नई गाइड लाइन जारी हुआ है जिसमें चुनाव के तारीख से सम्बंधित उल्लेख नही है, चुनाव 5 वर्ष पूर्व 2016 में अप्रैल- मई में हुआ था तो यही उम्मीद की जा रही है कि बिहार ग्राम पंचायत चुनाव अप्रैल – मई में होगा। राज्य निर्वाचन आयोग अपने तरफ से पूरी कोशिश कर रही है कि किसी तरह का कोई लेनदेन न हो, गलत हथकंडे किसी के द्वारा न अपनाए जाये, निर्वाचन आयोग पूर्ण रूप से नकेल कसने का काम कर रही है, इसी लिए हाल ही में 101 पन्ने का नई गाइड लाइन जारी किए है। एक अनुमान के मुताबिक इस राज्य में ग्राम पंचायत लगभग 9 चरण मे होने की सम्भावना है।

कैश फ़ॉर वोट की पॉलिसी का क्या होगा ?

समय के साथ विकास का पैमाना बदल जाता है आज के समय मे डिजिटल दुनिया मे जी रहे है ऐसे में कैश फ़ॉर वोट के लिए निर्वाचन आयोग पहले से ज्यादा सतर्क है क्योंकि आज के समय मे डिजिटल ट्रांसेक्शन हो रहे है ऐसे में साइबर सेल की मदद ली जा रही है, उन उम्मीदवारों पर नजर रहेगी जो पैसे वोट के लिए उड़ाते है, त्रि स्तरीय पंचायत चुनाव 2021 के लिए बिहार राज्य निर्वाचन आयोग, उम्मीदवारों की चुनावी खर्च का एक सीमा तय किया है और उस सीमा से ज्यादा खर्च करने पर उम्मीदवार को अपने नामांकन से हाथ धोना पड़ जायेगा।

बिहार ग्राम पंचायत चुनाव में उम्मीदवार कितने खर्च कर सकते है?

वैसे उमीदवार जितने के लिए अपनी पूरी ताकत के साथ साथ पैसे भी लगाती है लेकिन हाल ही में जारी हुई गाइड लाइन की बात की जाए तो उम्मीदवार के तय सीमा तक ही चुनाव में खर्च कर सकता है, निर्वाचन आयोग के अनुसार जिला परिषद सदस्य को चुनाव में 1 लाख रुपये तक कि खर्च करने का अधिकार दिया है, ग्राम पंचायत मुखिया या सरपँच को 40 हजार रुपये तक कि राशि खर्च करने का अनुमति प्राप्त है, पंचायत समिति सदस्यों को 30 हजार रुपये तक कि राशि खर्च करने का वही ग्राम पंचायत सदस्यों व पन्चो को 20 हजार रुपये तक खर्च करने का अधिकार दिया है, ऐसे में इसे ज्यादा खर्च करने पर उम्मीदवार का नामांकन रद्द हो जाएगा व उम्मीदवार के ऊपर कानूनी कार्यवाही होगी, इसके लिए निर्वाचन आयोग अपनी पूरी कोशिश कर रही है कि शांति ढंग से निर्वाचन सम्पन्न हो।

बिहार ग्राम पंचायत चुनाव में चुनावी चिन्ह क्या होगा | Election Symbols for Bihar Panchayat Elections 2021

वैसे तो अलग अलग तरह के चिन्ह सभी के लिए निर्धारित होता है, पंचायत चुनाव में मुखिया पद के लिए प्रत्याशियो को 36 प्रकार के चुनावी चिन्ह आबंटित होंगे उनमें ऊंट, सेब, टॉफी, मोतियों की माला, ढोलक, कलम – दावत, टेंपो, पुल, बैगन, ब्रश, चिमनी, कैमरा, मोमबत्तियां, काठगाड़ी, ब्लैक बोर्ड, गाजर, बाल्टी, मोर, हंसिया, जग, केतली, कुंआ, डीजल पंप, छड़ी, मोबाइल, सिटी, चूड़ियां, टोकरी, जंजीर, टेलीविजन, किताब, तोता, वायुयान, उगता हुआ सुरज, खजूर का पेड़, व पपीता का पेड़ आदि चुनाव चिन्ह होंगे।

सरपंच उम्मीदवार के लिए 21 तरह के चुनाव चिन्ह निर्धारित किया गया है, उसमे चौका- बेलन, स्टोव, मोटरसाइकिल, नल, बल्ब, जोड़ा बैल, स्टूल, बगुला, लड्डू, हल, टमटम, बांसुरी, टाइपराइटर, माचिस, छाता, थाली, खल मूसल, पानी जहाज व ट्रक आदि शामिल है, इसका आवंटन सरपंच उम्मीदवारों को चुनाव के दौरान होगा।

जिला परिषद सदस्य को लिए 20 चुनावी चिन्ह आवंटन हुआ है उसमें पतंग, लेडी पर्स, लेटर बॉक्स, ताला- चाबी, मक्का, सिलाई मशीन, स्लेट, मछली, वैन, मेज, व टेबल लैम्प आदि शामिल है।।

साथ ही 12 चुनाव चिन्ह को सुरक्षित रखा गया है इसका प्रयोग उम्मीदवारों को आवंटन के पश्चात, बचे हुए उम्मीदवारों की संख्या अधिक होने पर की जाती है जिसमें कोट, जोड़ा हिरण, अलमीरा, अंगूठी, शंख, ब्रीफकेस, मुर्गा, लिफाफा, हैंगर, तुरही, कछुआ, और गुब्बारे आदि शामिल है इसका उपयोग आवश्यकता पढ़ने पर चुनाव के दौरान किया जायेगा।

बिहार ग्राम पंचायत चुनाव में उम्मीदवारों को निम्न बातों का ध्यान रखना होगा –

• जुलूस या रैली के शुरू होने का टाइम और जगह, जिस मार्ग से होकर जायेगी उसका उल्लेख व कितने समय तक जुलूस किस स्थान में खत्म होगी, यह पूरी जानकारी पहले से तय करके पुलिस प्रशासन से अग्रिम रूप से अनुमति लेना आवश्यक होगा।
• जिस भी मोहल्ले या कॉलोनी से होकर जुलूस गुजरेगी, तो उम्मीदवारों को इस बात का ध्यान रखना होगा कि लागू निषेधात्मक आदेश का पता करके पालन करे, साथ ही इस बात का भी ध्यान रखे कि यातयात किसी भी तरह से प्रभावित न हो।
• जुलूस के समय भीड़भाड़ न हो जिसे यातायात प्रभावित हो, इस बात का ध्यान रखना है।
• मतदाताओं को जारी किया गया मतदाता परिचय पत्र सादे कागज की होनी चाहिए जिस पर उम्मीदवार का नाम व प्रतीक चिन्ह अंकित न हो।
• कोविड- 19 के नियम का पालन पूर्ण रूप से करें।

पंचायती राज अधिनियम का फरमान क्या है

अगर आप इस बार भी चुनाव लड़ने जा रहे है तब आपको ज्ञात होना चाहिए बिहार ग्राम पंचायत चुनाव के पूर्व बिहार पंचायती राज विभाग ने फरमान निकाला था कि 31 मार्च 2020 तक हुए खर्च का विवरण अर्थात ऑडिट पूरा न करने वाले मुखिया को अयोग्य घोषित कर देंगे। हिसाब नही देने पर अयोग्य माना जायेगा, समय पर ऑडिटिंग करना अनिवार्य था, कोई मुखिया इस कार्य को दिए गए समय पर नही करता है तो इसे संवैधानिक दायित्व को निभाने में असफल माना जायेगा। बिहार के मुख्य सचिव ने ये आदेश जारी किया है कि जो वर्तमान मुखिया है वह उपयोगिता प्रमाण पत्र समय पर जमा करें।

नल जल योजना का क्रियान्वयन पुरे बिहार में होना था, इस पर भी पंचायती राज विभाग ने निर्देष दिया है, जो भी मुखिया इस काम को पूर्ण निष्ठा से नही करता है उसे निरस्त किया जा सकता है, लापरवाही बरतने के जुर्म में जुर्माना भी भरना पड़ सकता है ससथ, प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश जिला प्रशासन को दी जाती है। राशि खर्च के लिखित विवरण नही देने पर मुखिया को योजनाओं के गड़बड़ी करने पर बख्से नही जायेंगे।

बिहार ग्राम पंचायत चुनाव का वोटर लिस्ट कहाँ से देखे | Bihar Mukhiya Chunav 2021 Voter List

युवाओं में वोट देने की उत्सुकता होती है, अगर आप वोट देना चाहते है और 18 वर्ष के हो गए है तो आज ही अपने निकट के सरकारी स्कूल या आगनबाड़ी में मतदाता पहचान पत्र के लिए आवेदन करें। अगर आप बिहार के निवासी है और आपका उम्र 18 वर्ष हो गया है और आपने मतदाता परिचय पत्र निर्माण के लिए आवेदन किया है तब आपको अपना वोटर लिस्ट में नाम देखने के लिए आपको बिहार राज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक वेबसाइट http://sec.bihar.gov.in में जाकर वोटर लिस्ट 2021 में क्लिक करे अपने डिस्ट्रिक्ट का नाम, ब्लॉक का नाम, पंचायत का नाम व वार्ड का नाम आदि पूर्ण रूप से भरने पर लिस्ट मिल जायेगा वहां आप अपना नाम चेक कर सकते है कि आपका नाम वोटर लिस्ट में है या नही।

बिहार ग्राम पंचायत चुनाव में बूथ की व्यवस्था व समय क्या होगी :

समय बदलते देर नही लगता है, बिहार ग्राम पंचायत चुनाव हुए 5 साल कैसे बीत गए पता नही चला, वर्तमान में चुनाव होना, ऐसे में कोविड- 19 को देखते हुए बूथ की समस्या उत्पन्न न हो इसके लिए निर्वाचन आयोग पहले से निराकरण कर ली है, एक परिवार में जितने भी मतदाता होंगे सभी का बूथ एक ही होगा, और एक बुथ में 850- 900 मतदाता कोरोना गाइड लाइन को फॉलो करते हुए वोट डाल सकते है, चुनाव आयोग के गाइड लाइन के अनुसार बिहार ग्राम पंचायत चुनाव में वोट डालने के का समय सुबह 7 बजे से शाम के 5 बजे तक होगा, व गिनती भी उसी दिन होने की सम्भावना रहेगा, हालांकि अभी चुनाव की तारीख का ऐलान नही हुआ है। पूरे मतदान व गिनती के समय कोरोना के नियम का पालन करना पड़ेगा।

Bihar Panchayat Election Reservation List | पंचायत चुनाव आरक्षण सूची

बिहार इलेक्शन की बात कही जाए तो यह सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्यो में से एक है ऐसे में आरक्षित सीटों की संख्या भी अधिक है, गाँव के आधार पर करीब 1000 गाँव आरक्षित होंगे, यह पहले आरक्षित सीटे 2016 में थी उसी प्रकार 2021 बिहार ग्राम पंचायत चुनाव में आरक्षित होंगे, आरक्षित सीटों की जानकारी के लिए आप बिहार राज्य निर्वाचन आयोग के आधिकारिक वेबसाइट में जाकर देख सकते है, ऊपर मैंने आधिकारिक वेबसाइट का जिक्र वोटर लिस्ट देखने के साथ किया है।

आईये जानें पदों के अनुसार अभी तक आरक्षण की क्या स्तिथि है

मुखिया : विभाग के अनुसार बिहार में मुखिया के कुल 8386 पद हैं, जिनमें महिलाओं के लिए 3772 पद आरक्षित हैं। अनुसूचित जाति के लिए 1388 पद आरक्षित हैं, जिनमें महिला के लिए 562 पद हैं। अनुसूचित जनजाति के लिए मुखिया के 92 पद हैं, जिनमें 21 महिलाओं के लिए हैं। इसी तरह पिछड़ा वर्ग के लिए 1441 पद हैं, जिनमें महिलाओं के लिए 585 पद आरक्षित हैं।

सरपंच : इसके साथ ग्राम कचहरी मैं सरपंच के कुल 8386 पद हैं, जिनमें महिलाओं के लिए 3772 पद आरक्षित हैं। अनुसूचित जाति के लिए 1388 पद ( महिलाओं के लिए 562) हैं तो अनुसूचित जनजाति के लिए 92 पद (महिलाओं के लिए 21) तथा पिछड़ा वर्ग के लिए 1441 पद (महिलाओं के लिए 585) हैं।

वार्ड सदस्‍य : वार्ड सदस्यों के 114733 पदों में महिलाओं के लिए आरक्षित 51998 पद हैं। इनमें अनुसूचित जाति के लिए 19037 पद (इनमें महिलाओं के लिए 7469) हैं। अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 1223 पदों में महिलाओं के लिए 300 पद हैं। पिछड़े वर्ग के लिए 18561 पद हैं, जिनमें महिलाओं के लिए 7890 आरक्षित हैं।

पंचायत समिति के सदस्य : पंचायत समिति के सदस्यों के लिए आरक्षित 11497 पदों में महिलाओं के लिए 5341 पद हैं। इनमें अनुसूचित जाति के लिए 1910 पद (महिलाओं के लिए 819) हैं। अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित 131 पदों में महिलाओं के लिए 35 हैं। पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित 2049 पदों में महिलाओं के लिए 903 पद हैं।

जिला परिषद सदस्य : जिला परिषद सदस्यों के 1161 पदों में महिलाओं के लिए 548 पद आरक्षित हैं। इनमें अनुसूचित जाति के लिए 195 पद (महिलाओं के लिए 87), अनुसूचित जनजाति के लिए 13 पद (महिलाओं के लिए 2) तथा पिछड़ा वर्ग के 217 पद (महिलाओं के लिए 101) आरक्षित हैं।

प्रखंड प्रमुख : प्रखंड प्रमुख के 538 पदों के लिए चुनाव होंगे। इनमें महिलाओं के 236 पद आरक्षित हैं। अनुसूचित जाति के लिए 92 पद (महिलाओं के लिए 36), अनुसूचित जनजाति के लिए 5 पद (महिलाओं के लिए कोई आरक्षण नहीं) तथा पिछड़ा वर्ग के लिए 93 पद (महिलाओं के लिए 36) आरक्षण की श्रेणी में आते हैं।

जिला परिषद के अध्यक्ष : जिला परिषद के अध्यक्ष पद की बात करें तो बार 38 पदों पर चुनाव होगा, जिनमें महिलाओं के लिए 18 आरक्षित पद हैं। अनुसूचित जाति के लिए 6 पद (महिलाओं की 3), अनुसूचित जनजाति के लिए एक पद (महिलाओं के लिए कोई आरक्षण नहीं) तथा पिछड़ा वर्ग के लिए 7 पद (महिलाओं को 3) आरक्षित हैं।