भारत माला परियोजना |Bharatmala project


भारत माला परियोजना|What is Bharatmala Project?

भारतमाला परियोजना(Bharatmala Project) एक राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना हैं। इसके तहत नए राजमार्ग के अलावा उन परियोजनाओं को भी पूरा किया जाएगा तो अब तक अधूरे हैं। इसमें सीमा और अंतर्राष्‍ट्रीय संयोजकता वाले विकास परियोजना को शामिल किया गया है। बंदरगाहों और सड़क, राष्ट्रीय गलियारों (नेशनल कॉरिडोर्स) को ज्यादा बेहतर बनाना और राष्ट्रीय गलियारों को विकसित करना भी इस परियोजना में शामिल है। इसके अलावा पिछडे इलाकों, धार्मिक और पर्यटक स्थल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग बनाए जाएंगे। चार धाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री के बीच संयोजकता बेहतर की जाएगी।

भारतमाला परियोजना खर्च

भारतमाला परियोजना
देशभारत
प्रधानमन्त्रीनरेन्द्र मोदी
मन्त्रालयसड़क परिवहन और राजमार्ग मन्त्रालय
प्रमुख लोगनितिन गडकरी
स्थापितजुलाई 31, 2015; 2 वर्ष पहले

सड़कों के विस्तार एवं विकास के लिए बने, 10 लाख करोड़ रुपये के भारतमाला परियोजना, में कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना (एनएचडीपी) जिसें 1998 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार द्वारा लॉन्च किया था, सहित सभी मौजूदा राजमार्ग परियोजनाओं को इसमें समाहित कर लिया जायेगा।

केंद्रीय सतर्कता आयोग के निर्देश पर 30 अक्तूबर से 04 नवंबर तक सतर्कता जागरूकता सप्ताह मनाया जा रहा है। इसके तहत विभाग के सभी कार्मिकों को सत्यनिष्ठा की शपथ दिलाई गई और एक नवंबर को कार्यालय में शिकायत निवारण शिविर का आयोजन भी किया जा रहा है। शिविर में करदाता अपनी कोई भी समस्या व शंका साझा कर सकते हैं। प्राप्त शिकायतों पर हरभसंव कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

यह परियोजना गुजरात और राजस्थान से शुरू हो कर, पंजाब कि ओर चलेगी और फिर पूरे हिमालयी राज्यों – जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड – और तराई इलाकों के साथ उत्तर प्रदेश और बिहार की सीमाओं को कवर करेगी और पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर और मिजोरम में भारत-म्यांमार की सीमा तक जायेगी। आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों सहित दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में कनेक्टिविटी प्रदान करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

इस योजना के मुताबिक, देश भर में 34,800 किलोमीटर के राजमार्गों के लिए 5.35 लाख करोड़ रुपये की धनराशि को मिलेगा। देश में जहां तक ​​संसाधनों का सवाल है, 2.09 लाख करोड़ रुपये बाजार उधार से, निजी निवेश के रूप में 1.06 लाख करोड़ रुपये और सेंट्रल रोड फंड (सीआरएफ), टोल रसीदों से शेष राशि और राज्य से वित्त पोषित राजमार्गों के चुंबकीयकरण से आय होगी। सूचना के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय 48,887 किलोमीटर का निर्माण करेगा।

सरकार के मुताबिक योजना के पूरा होने पर, भारतमाला के तहत राजमार्ग की कुल लंबाई 51,000 किलोमीटर होगी। इसके पहले चरण में 29,000 किलोमीटर का विकास 5,5 खरब के परिव्यय के साथ किया जाएगा।

भारतमाला परियोजना का उद्देश्य

  • भारतमाल पारियोजन के पहले चरण के तहत नई सड़क की कुल लंबाई 24,800 किलोमीटर होगी और शेष 10,000 किलोमीटर एनएचडीपी के तहत बनाई जायेगी।
  • 2017 तक, राजमार्ग क्षेत्र में 30 किमी/दिन का निर्माण चल रहा है।
  • पहला चरण 2022 तक पूरा हो सकता है, जबकि एनएचडीपी के तहत लगभग एक ही राष्ट्रीय राष्ट्रीय राजमार्ग का उन्नयन 19 वर्षों में हो सका था।

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